स्मार्ट मीटरों पर बड़ा एक्शन! CM योगी के निर्देश पर 4 सदस्यीय टीम एक्टिव… लैब में होगी तकनीकी जांच

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। चार सदस्यीय समिति की मौजूदगी में स्मार्ट मीटरों के सैंपल विभागीय लैब भेजे गए हैं। जांच प्रक्रिया पर उपभोक्ता परिषद भी नजर बनाए हुए है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 26 April 2026, 6:53 AM IST
google-preferred

Lucknow: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब सरकार ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को सैंपल स्मार्ट मीटरों को विभागीय प्रयोगशाला भेजा गया।

इन मीटरों की जांच चार सदस्यीय समिति की निगरानी में की जाएगी। समिति की मौजूदगी में लैब में मीटरों के तकनीकी पहलुओं की पड़ताल होगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता को लेकर उठ रही शंकाओं का समाधान किया जा सके।

जांच प्रक्रिया को लेकर विभाग का कहना है कि सभी चरणों में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा कायम रह सके।

चार सदस्यीय समिति करेगी निगरानी

मुख्यमंत्री के निर्देश पर 12 अप्रैल को चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। समिति को निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट तैयार करनी थी, लेकिन अभी जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

अब समिति की उपस्थिति में विभागीय लैब में तकनीकी जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान मीटरों के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि मीटर सही तरीके से बिजली खपत दर्ज कर रहे हैं या नहीं।

Noida Power Cut Alert! आज कई सेक्टरों में बिजली रहेगी बंद, जानें पूरा शेड्यूल

सरकार की ओर से कहा गया है कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर स्मार्ट मीटर परियोजना से जुड़े मुद्दों पर फैसला लिया जा सकता है।

उपभोक्ता परिषद ने उठाए निष्पक्षता पर सवाल

स्मार्ट मीटरों की जांच प्रक्रिया पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सवाल उठाए हैं। परिषद का कहना है कि विभागीय लैब में होने वाली जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

परिषद के अध्यक्ष ने आशंका जताई है कि स्मार्ट मीटर परियोजना से जुड़ी कंपनियां जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने पूछा है कि मीटरों के हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और उपयोग किए गए कंपोनेंट्स की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कौन करेगा।

इसके साथ ही परिषद ने यह भी मांग की है कि पावर कॉरपोरेशन यह स्पष्ट करे कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने से पहले किन स्तरों पर परीक्षण किया गया था और उसके परिणाम क्या रहे।

ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान… अमित शाह के खिलाफ दर्ज करेंगी मुकदमा, पढे़ं पूरी खबर

स्मार्ट मीटरों को लेकर कई जिलों में विरोध

राज्य के कई जिलों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। बड़ी संख्या में उपभोक्ता और महिलाएं सड़कों पर उतरकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं।

उपभोक्ताओं की मांग है कि उन्हें प्रीपेड और पोस्टपेड मीटर के बीच विकल्प चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। इसी कारण स्मार्ट मीटर परियोजना को लेकर बहस तेज होती जा रही है और अब जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Location :  Lucknow

Published :  26 April 2026, 6:53 AM IST

Advertisement