यूपी में नकली बोतलबंद पानी के काले कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। छापेमारी में हजारों फर्जी ब्रांडेड बोतलें बरामद हुईं। सेहत से खिलवाड़ करने वाले इस गिरोह ने चौंकाने वाले तरीके अपनाए थे। कहीं आप भी तो ये पानी नहीं पी रहे? पढ़ें पूरी खबर

नकली पानी का बड़ा खेल बेनकाब
Mainpuri: यूपी के मैनपुरी जनपद के एलाऊ थाना क्षेत्र अंतर्गत किशोरपुर चौराहे के पास स्थित एक पानी प्लांट में नकली मिनरल वाटर के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। सरकार के सख्त आदेशों और नियमित जांच के दावों के बावजूद यहां फर्जी ब्रांड के नाम पर पानी पैक कर बाजार में धड़ल्ले से सप्लाई किया जा रहा था। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद यह मामला उजागर हुआ।
जानकारी के अनुसार, प्लांट संचालक “हिमालया इंडस्ट्रीज” के नाम से बोतलबंद पानी बाजार में उतार रहा था। इतना ही नहीं, एक ही स्थान से अलग-अलग नामों के लेबल लगाकर पानी तैयार किया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रमित किया जा सके। आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडेड मिनरल वाटर जैसा लुक देकर इसे दुकानों और ठेलों तक पहुंचाया जा रहा था।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि प्लांट में समर के सामान्य पानी को बिना तय मानक शुद्धिकरण प्रक्रिया अपनाए सीधे बोतलों में भरा जा रहा था। न तो उचित फिल्ट्रेशन की व्यवस्था थी और न ही गुणवत्ता जांच के पर्याप्त इंतजाम। ऐसे में यह पानी लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। गर्मी के मौसम में पानी की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर इस अवैध कारोबार को तेजी से फैलाया गया।
मानक के बिना बोतलबंदी
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इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात खाद्य विभाग की कथित भूमिका को लेकर सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि विभागीय स्तर पर मिलीभगत के चलते यह कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा था। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक विभाग की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है।
मामले में राहुल नामक व्यक्ति का नाम भी सामने आया है, जिसे नकली पानी तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाला बताया जा रहा है। उसका एक कथित बाइट भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह प्लांट संचालन से जुड़े सवालों का जवाब देता नजर आ रहा है। हालांकि इस बाइट की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
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फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, यह भी देखना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं। आम जनता अब उम्मीद कर रही है कि उन्हें नकली पानी के इस जाल से जल्द राहत मिलेगी और दोषियों के खिलाफ उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाएगी।