“मौत का गेट” बना विकास का चेहरा: मासूम की जान लेने वाले सुंदरीकरण निर्माण पर उठे सवाल, कई जिम्मेदारों पर गिर सकती है गाज

शेषफरेन्दा गांव में बने सुंदरीकरण गेट के गिरने से 12 साल के बच्चे की मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया है। अब प्रशासन की जांच टीम मौके पर पहुंचकर सच्चाई खंगाल रही है। शुरुआती जांच में कई खामियां सामने आने की बात कही जा रही है।

Maharajganj: नौतनवा विकासखंड के शेष फरेन्दा गांव में सुंदरीकरण के नाम पर बनाए गए गेट के ढहने से 12 वर्षीय मासूम की मौत के मामले ने अब प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल के निर्देश पर गठित जांच टीम मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंची और पूरे मामले की गहन जांच की।

टीम ने मलबे के नमूने एकत्र कर तकनीकी परीक्षण के लिए भेज दिए हैं। प्रारंभिक स्तर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अचानक गिर पड़ा प्रवेश द्वार

जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह ग्राम पंचायत शेषफरेन्दा स्थित पोखरी के सुंदरीकरण के तहत बनाया गया प्रवेश द्वार अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के वक्त गेट के पास खेल रहा 12 वर्षीय विकास उर्फ विक्की पुत्र वीरेंद्र मलबे के नीचे दब गया। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर बच्चे को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे बचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया।

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मासूम की मौत पर उठे सवाल

घटना के बाद सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक सवाल उठने लगे कि आखिर करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं के बीच इस तरह का निर्माण इतना कमजोर कैसे साबित हुआ कि एक मासूम की जान चली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को एसडीएम नौतनवा नवीन कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण भारती मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और ग्रामीणों से जानकारी ली।

सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान निर्माण कार्य में कई तकनीकी खामियां और स्थानीय स्तर पर निगरानी में लापरवाही के संकेत मिले हैं। यही वजह है कि अब सचिव, तकनीकी कर्मचारियों और निर्माण कार्य से जुड़े अन्य जिम्मेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कई लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।

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डीपीआरओ ने दिया कार्रवाई का आदेश

मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचीं डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने परिवार को सांत्वना देते हुए न्यायपूर्ण कार्रवाई का भरोसा दिया। वहीं ग्राम प्रधान महेंद्र यादव ने बताया कि गेट का निर्माण लगभग दो वर्ष पूर्व कराया गया था। उनके अनुसार कुछ समय पहले एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से गेट क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन मरम्मत समय पर नहीं हो सकी, जिसके चलते यह हादसा हो गया।

एसडीएम नवीन कुमार ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों।

Location :  Maharajganj

Published :  23 June 2026, 8:59 PM IST

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