16 मासूम, एक ई-रिक्शा और बड़ा सवाल: स्कूली बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे! डाइनामाइट न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट में खुली पोल

महराजगंज के नौतनवा में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर डाइनामाइट न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक ई-रिक्शा में क्षमता से कई गुना ज्यादा बच्चे सफर करते मिले। सवाल उठ रहा है कि आखिर मासूमों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 22 July 2026, 8:18 PM IST

Maharajganj: नौतनवा में स्कूली बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डाइनामाइट न्यूज़ की ग्राउंड जीरो पड़ताल में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जांच के दौरान क्षेत्र के Crisht The King School के बच्चों की छुट्टी के बाद एक ई-रिक्शा में क्षमता से कई गुना अधिक 16 मासूम बच्चे सफर करते मिले। आगे की सीट पर 7-8 और पीछे 8-10 बच्चों को बैठाकर ई-रिक्शा सड़क पर दौड़ रहा था। ऐसे में जरा-सी चूक भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।

मौके पर जब चालक से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि यह स्कूल का अधिकृत वाहन नहीं, बल्कि निजी ई-रिक्शा है और अभिभावकों की सहमति से बच्चों को लाया-ले जाया जाता है।

क्या बोले स्कूल के प्रिंसिपल?

इसे लेकर Crisht The King School के प्रिंसिपल मैथ्यू ने कहा कि उनके विद्यालय में केवल स्कूल बसों का संचालन होता है, ई-रिक्शा स्कूल द्वारा संचालित नहीं किए जाते। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के निजी वाहन से आने-जाने की जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को ऐसे जोखिम भरे वाहनों से स्कूल न भेजें।

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सेंट जेवियर्स स्कूल नौतनवा

वहीं सेंट जेवियर्स स्कूल के प्रबंधक ए.के. पांडे ने बताया कि उनके विद्यालय के लगभग 570 बच्चे स्कूल के अधिकृत वाहनों से आते-जाते हैं। विद्यालय के पास कुल नौ छोटे-बड़े वाहन हैं और सभी चालक अनुभवी हैं। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मॉडर्न एकेडमी स्कूल बसों का फिटनेस

मॉडर्न एकेडमी के प्रिंसिपल ए. सिन्हा ने बताया कि करीब 550 बच्चे स्कूल वाहनों से सफर करते हैं। सभी बसों में जीपीएस और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रत्येक बस में शिक्षक भी मौजूद रहते हैं, जो बच्चों की सुरक्षा पर निगरानी रखते हैं। सभी चालकों का पुलिस सत्यापन कराया गया है तथा वाहनों के फिटनेस और आवश्यक दस्तावेज भी वैध हैं।

आईडियल पब्लिक स्कूल की रिपोर्ट

आईडियल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक जुनैद ने कहा कि उनके विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और सभी निर्धारित मानकों का पालन करते हुए स्कूल वाहनों का संचालन किया जाता है।

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सेंट फ्रांसिस स्कूल का हाल

सेंट फ्रांसिस स्कूल के प्रिंसिपल गजेंद्र विक्रम शाही ने बताया कि विद्यालय के पास तीन छोटे स्कूल वाहन हैं। वह स्वयं बच्चों की सुरक्षा की निगरानी करते हैं और चालकों के व्यवहार को लेकर समय-समय पर बच्चों से फीडबैक भी लेते हैं।

स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर क्लीयर ग्राउंड रिपोर्ट

हालांकि प्रशासन समय-समय पर स्कूली वाहनों की जांच और कार्रवाई का दावा करता है, लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट यह संकेत देती है कि स्कूल की छुट्टी और प्रवेश के समय विशेष अभियान चलाकर निजी वाहनों की भी सघन जांच किए जाने की आवश्यकता है। ताकि ओवरलोडिंग जैसी लापरवाही पर रोक लगे और भविष्य में किसी भी मासूम की जान जोखिम में न पड़े।

Location :  Maharajganj

Published :  22 July 2026, 8:08 PM IST