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महराजगंज में दबंगों का दुस्साहस! दलित और मुसहर किसानों की जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर खड़ी फसल रौंद डाली। क्या राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से रची गई यह पूरी साजिश, जानिए क्यों 50 परिवारों के सामने खड़ा हुआ भुखमरी का संकट और क्या बोले जिलाधिकारी
महराजगंज न्यूज़ : दलित और मुसहरों पर अत्याचार
Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहा निचलौल तहसील के ग्राम शिकारपुर में जमीन विवाद के चलते गरीब दलित और मुसहर समुदाय के किसानों की पुश्तैनी जमीन पर जबरन कब्जा करने का मामला प्रकाश में आया है। दबंगों ने न केवल जमीन हथियाने की कोशिश की, बल्कि विरोध करने पर किसानों की महीनों की मेहनत से तैयार खड़ी फसल को भी ट्रैक्टर चलाकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इस अमानवीय कृत्य के बाद करीब 50 गरीब परिवारों के सामने अब भरण-पोषण की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
पीड़ित किसानों का कहना है कि वे पीढ़ियों से इस जमीन पर खेती कर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 30 साल पहले गांव में कुछ जमीन का पट्टा सीताराम नामक व्यक्ति को दिया गया था, लेकिन उसने कभी उस जमीन पर कब्जा नहीं किया। आरोप है कि बाद में इसी जमीन को अवैध तरीके से प्रमिला नामक महिला के नाम लिखवा दिया गया। अब राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से इस पट्टे की आड़ में अन्य गरीब किसानों की जमीनों पर भी कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। इस धांधली को लेकर स्थानीय लेखपाल और कानूनगो के प्रति ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
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घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि कई एकड़ में लगी फसल को ट्रैक्टर से जोतकर नष्ट कर दिया गया। किसानों का कहना है कि उनकी गाढ़ी कमाई और मेहनत मिट्टी में मिल गई है, जिससे गांव में भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो गई है। जब ग्रामीणों ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें डराया-धमकाया गया। आरोप है कि राजस्व कर्मियों की शह पर दबंगों ने दलितों और मुसहरों को झूठे मुकदमों में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी। नदियों और जंगलों से घिरे इस पिछड़े इलाके में अब दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।
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इस मामले में अर्जुन, प्रताप भारती, राजेंद्र मुसहर और अखिलेश भारती जैसे दर्जनों किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सभी पीड़ितों ने एकजुट होकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि जमीन का दोबारा निष्पक्ष सीमांकन किया जाए, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा दिया जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने तत्काल एक्शन लिया है। उन्होंने निचलौल के एसडीएम को पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।