दाऊद की तरह अंडरवर्ल्ड में नाम कमाने निकला जुबैर, इंस्टा पोस्ट ने खोले बड़े राज

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षक दानिश राव हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी जुबैर ने जेल से छूटने के बाद सोशल मीडिया पर बदले और दहशत फैलाने के संकेत दिए थे।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 14 May 2026, 5:31 PM IST
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Aligarh: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षक दानिश राव हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी जुबैर ने जेल से छूटने के बाद सोशल मीडिया पर बदले और दहशत फैलाने के संकेत दिए थे। इंस्टाग्राम पोस्ट से लेकर रंगदारी कॉल तक पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले हैं जो हत्या को सुनियोजित साजिश की ओर इशारा कर रहे हैं।

जेल से छूटते ही फिर सक्रिय हुआ जुबैर

जुबैर जुलाई 2025 में जेल से बाहर आने के बाद फिर से अलीगढ़ में सक्रिय हो गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि उसने सोशल मीडिया और पुराने नेटवर्क के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी थी।

बताया जा रहा है कि जुबैर ने इंस्टाग्राम पर “जुबैर के 728” और “देवराज गैंग अलीगढ़” नाम से जुड़े अकाउंट्स पर 10 अक्तूबर को एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में वह अपने करीब एक दर्जन साथियों के साथ उसी स्थान पर खड़ा दिखाई दिया, जहां बाद में एएमयू शिक्षक दानिश राव की हत्या हुई। पोस्ट में विरोधियों को देख लेने और “आतिफ की हत्या का बदला” लेने जैसी बातें लिखी गई थीं।

रंगदारी कॉल और दहशत फैलाने की कोशिश

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जेल से बाहर आने के बाद जुबैर ने शहर के कई लोगों को रंगदारी के लिए फोन भी किए थे। हालांकि डर की वजह से किसी ने पुलिस से शिकायत नहीं की।

जांच एजेंसियों का मानना है कि दानिश राव की हत्या केवल मुखबिरी के शक का मामला नहीं थी, बल्कि शहर में दोबारा खौफ कायम करने की साजिश भी थी। पुलिस के अनुसार जुबैर ने जेल में रहते हुए कई बड़े अपराधी गिरोहों से संपर्क बनाए थे और बाहर आते ही नए लड़कों को गैंग में जोड़ना शुरू कर दिया था।

हत्या के दौरान बोला था- “अब पहचाना?”

24 दिसंबर 2025 की शाम दानिश राव की एएमयू परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मिले सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि बदमाश दानिश के बेहद करीब आकर गोली चला रहे थे।

जांच में यह भी सामने आया कि हमलावरों ने गोली मारने से पहले गाली देते हुए कहा था, “अब पहचाना?” कुछ दूरी तक भागने के बाद दानिश गिर पड़े। इसके बाद एक बदमाश ने अपना नकाब हटाया, जिससे जुबैर का नाम सामने आया।

अपराध की दुनिया में पूरे परिवार की एंट्री

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार नौशा बरला निवासी रफतउल्ला अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए अलीगढ़ आए थे, लेकिन उनके बेटे अपराध की दुनिया में उतर गए। पहले यासिर और फहद छात्र गुटों की लड़ाई में शामिल हुए, फिर सद्दाम और बाद में जुबैर भी सक्रिय हो गया।

मुनीर गैंग से जुड़े रहने के दौरान इन भाइयों का नाम कई गैंगवार में सामने आया। 2017 में जुबैर पर हुए हमले में एक एएमयू छात्रा अनम की गोली लगने से मौत हो गई थी। 2018 में शाहबेज हत्याकांड में भी जुबैर का नाम आया था। बाद में 2019 में दिल्ली पुलिस ने उसे लूट के मामले में गिरफ्तार किया था।

35 बार दिल्ली पहुंची पुलिस

दानिश राव हत्याकांड के खुलासे के बाद पुलिस लगातार जुबैर और उसके भाइयों की तलाश में जुटी रही। अलीगढ़ पुलिस करीब 35 बार दिल्ली पहुंची और शाहीन बाग, जामिया व ओखला क्षेत्रों में दबिश दी।

पुलिस ने अब तक कई संदिग्धों और गैंग से जुड़े लोगों से पूछताछ की है। इनाम घोषित होने के बाद एसटीएफ भी आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

Location :  Aligarh

Published :  14 May 2026, 5:31 PM IST

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