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कानपुर में बिकरू कांड के पांच साल बाद रिचा दुबे ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने खुशी ठाकुर पर परिवार पर आरोप लगाने का आरोप लगाया और पति का मृत्यु प्रमाणपत्र न बनने की परेशानी उजागर की।
रिचा दुबे ने खुशी ठाकुर पर लगाए बेबुनियाद आरोप
Kanpur: बिकरू कांड की साढ़े पांचवीं वर्षगांठ के करीब, कुख्यात विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे शनिवार को मीडिया के सामने आईं। पत्रकार वार्ता में उन्होंने खुशी ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि खुशी के नाम के साथ दुबे न जोड़ा जाए। रिचा ने आरोप लगाया कि खुशी दूसरों के कहने पर उनके परिवार पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने कहा कि जो मास्टर खुशी दुबे को उल्टा-सीधा ज्ञान दे रहे हैं, वह उस स्कूल की प्रिंसिपल हैं।
बिकरू गांव में 2 जुलाई 2020 की देर रात सीओ देवेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश दी थी। इस दौरान विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ गोलियों की बौछार की, जिसमें सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। इसके बाद विकास दुबे और उसके छह गुर्गे मुठभेड़ में मारे गए। यह घटना पूरे देश के लिए सदमे और चर्चा का विषय बनी थी।
रिचा दुबे ने बताया कि हाल ही में खुशी की मां बीमार होने पर इंटरनेट मीडिया पर बयान देकर उनके परिवार पर आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि बिकरू कांड को पीछे छोड़कर परिवार आगे बढ़ना चाहता है। रिचा ने दावा किया कि खुशी ने घर से भागकर अतुल ठाकुर से शादी की और उसके बाद अमर दुबे से शादी का मामला सामने आया। उन्होंने स्पष्ट किया कि खुशी पहले से ही शादीशुदा थी और इसलिए अमर से उसकी शादी वैध नहीं थी।
रिचा ने जोर देकर कहा कि खुशी को भविष्य में "खुशी ठाकुर" या "खुशी तिवारी" कहा जाए, न कि दुबे। उन्होंने कहा कि अमर दुबे उनके पति का भतीजा नहीं बल्कि पोता था। इस बीच, रिचा ने बताया कि बिहार के अमित कुमार झा यूपी-77 नाम से एक फिल्म बना रहे हैं, जो विकास दुबे के जीवन पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म में गलत तथ्य दिखाए जा रहे हैं और उनके पति को शराबी और अय्याश दिखाया गया है।
खुशी के वकील शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि यदि रिचा को लगता है कि गलत बयानबाजी हो रही है तो वह कानूनी नोटिस दें। उन्होंने कहा कि पत्रकार वार्ता करके कुछ हासिल नहीं होगा और कानूनी रास्ता ही उपयुक्त है।
रिचा दुबे ने अपने पति विकास दुबे का मृत्यु प्रमाणपत्र अब तक न बनने की समस्या भी उठाई। उन्होंने कहा कि इस कारण उन्हें और उनके परिवार को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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रिचा ने बताया कि परिवार बिकरू कांड जैसी दुखद घटनाओं को पीछे छोड़कर सामान्य जीवन में लौटना चाहता है। उन्होंने कहा कि परिवार केवल न्याय और सच्चाई चाहता है और मीडिया के माध्यम से जनता तक अपने पक्ष की जानकारी पहुंचाना महत्वपूर्ण समझा।