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कानपुर के भौंती खेड़ा क्षेत्र में पांडु नदी में डूबे बच्चे (Img Source: Google)
Kanpur: कानपुर के भौंती खेड़ा क्षेत्र में पांडु नदी पर बना छोटा बांध इन दिनों युवाओं के बीच रोमांच और सोशल मीडिया कंटेंट का नया केंद्र बन गया है। लेकिन यह रोमांच धीरे-धीरे एक बड़े खतरे का रूप लेता जा रहा है। वायरल रील और आकर्षक सेल्फी की चाह में युवा अपनी जान जोखिम में डालकर यहां खतरनाक स्टंट कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से लोकप्रिय होने की चाह ने युवाओं को जोखिम भरे कदम उठाने के लिए प्रेरित कर दिया है। पांडु नदी के इस बांध पर कई युवा ऊंचाई से पानी में छलांग लगाते हैं, तेज बहाव के बीच स्टंट करते हैं और खतरनाक स्थानों पर खड़े होकर सेल्फी लेते हैं। इन गतिविधियों के वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाते हैं ताकि अधिक से अधिक व्यूज और लाइक्स मिल सकें।
स्थानीय निवासियों के अनुसार बांध के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। न तो किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई है और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा मौके पर कोई निगरानी व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में युवाओं की बढ़ती भीड़ और जोखिम भरी गतिविधियां लगातार चिंता बढ़ा रही हैं।
गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में युवा और किशोर यहां पहुंचते हैं। कई बार नदी की वास्तविक गहराई और पानी के बहाव का अंदाजा लगाए बिना लोग पानी में उतर जाते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक छोटी सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसके बावजूद सुरक्षा को लेकर कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।
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स्थानीय लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि बांध क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग, नियमित गश्त और निगरानी कैमरों की व्यवस्था कर युवाओं को जोखिम उठाने से रोका जा सकता है।
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जल सुरक्षा के अनुसार बांधों और बैराजों के आसपास का पानी सामान्य नदी की तुलना में अधिक खतरनाक होता है। यहां पानी की सतह शांत दिखाई दे सकती है, लेकिन नीचे अचानक गहरे गड्ढे, फिसलन भरी सतह और तेज खिंचाव वाली धाराएं मौजूद होती हैं। कई मामलों में व्यक्ति को तैरना आने के बावजूद पानी के भीतर बनने वाले भंवर अपनी चपेट में ले लेते हैं। यही वजह है कि देश के कई राज्यों में बांध क्षेत्रों को हाई-रिस्क जोन माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाला रोमांच वास्तविकता में कुछ सेकंड का जोखिम नहीं, बल्कि जानलेवा साबित हो सकता है।
Location : Kanpur
Published : 17 June 2026, 12:07 PM IST