Kanpur Dehat News: सिस्टम पर सवाल! मजबूर किशौरा के ग्रामीणों ने जेब से निकाला विकास का रास्ता, पढ़े पूरी खबर

विकास के सरकारी दावों के बीच जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। दरअसल कानपुर देहात जिले के झींझक विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत किशौरा ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए आखिरकार खुद ही आगे आना पड़ा।

Updated : 2 January 2026, 4:00 PM IST

Kanpur Dehat: विकास के सरकारी दावों के बीच जमीनी हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। दरअसल कानपुर देहात जिले के झींझक विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत किशौरा ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए आखिरकार खुद ही आगे आना पड़ा। वर्षों से खराब पड़ी सड़क और नाली के निर्माण के लिए जब ग्रामीणों की गुहार पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मजबूरन गांव के लोगों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया।

ग्रामीणों के सहयोग से किशौरा गांव में राकेश मिश्र के घर से छोटे शुक्ला के घर तक लगभग 150 फुट सड़क और नाली का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं अरुणेश शुक्ला के घर से राजेश पाण्डेय के घर तक करीब 90 फुट आरसीसी सड़क का निर्माण भी ग्रामीणों के सहयोग से शुरू हुआ है। इस पहल में शुभम पांडे, छोटे शुक्ला, मनोज अवस्थी समेत कई ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

ग्रामीणों ने दर्द किया बयां

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों का निकलना दूभर हो जाता था। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती थी। कई बार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिला।

ग्राम प्रधान पर ग्रामीणों ने लगाया गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा कथित तौर पर कहा गया कि “जिन्होंने वोट नहीं दिया, उनके मोहल्ले में विकास कैसे कराया जाए।” इस कथन से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान पूरे गांव का प्रतिनिधि होता है, न कि किसी खास वर्ग या समर्थकों का।

सड़क और नाली का निर्माण जारी

सरकारी सिस्टम पर ग्रामीणों ने खड़े किए सवाल

ग्रामीणों का यह कदम सरकारी सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है कि जब करदाता खुद विकास कार्य कराने को मजबूर हो जाएं, तो पंचायत स्तर की योजनाओं और बजट का क्या औचित्य रह जाता है। गांव में चर्चा है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान दिया होता, तो ग्रामीणों को अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ता। फिलहाल ग्रामीण अपने स्तर से सड़क और नाली निर्माण कर राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि यह स्थायी समाधान नहीं है। प्रशासन को चाहिए कि पूरे गांव में समान रूप से विकास कार्य कराए जाएं, ताकि भविष्य में किसी और मोहल्ले को ऐसी मजबूरी न झेलनी पड़े।

Location : 
  • kanpur

Published : 
  • 2 January 2026, 4:00 PM IST