यूपी पुलिस की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता के चलते थाना मंगलपुर क्षेत्र अंतर्गत चौकी झींझक कस्बा में एक भटकी हुई 3 वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। मां की गोद में पहुंचते ही मासूम बेटी मरियम फफक-फफक कर रो पड़ी।

तीन वर्षीय पुत्री को पुलिस ने उसके परिजनों को सौंपा
Kanpur Dehat : यूपी पुलिस की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता के चलते थाना मंगलपुर क्षेत्र अंतर्गत चौकी झींझक कस्बा में एक भटकी हुई 3 वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया। मां की गोद में पहुंचते ही मासूम बेटी मरियम फफक-फफक कर रो पड़ी, यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
क्या है पूरी खबर?
मामला शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे का है। नगर पालिका झींझक के वार्ड नंबर 14 आंबेडकर नगर निवासी दिलशाद की इकलौती 3 वर्षीय बेटी मरियम घर के बाहर खेल रही थी। खेल-खेल में वह घर से काफी दूर सब्जी मंडी के समीप भटककर पहुंच गई। वहां रोती-बिलखती बच्ची को देखकर राहगीरों और दुकानदारों ने उससे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन मासूम बच्ची कुछ भी बता पाने में असमर्थ थी।
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उधर, घर में बच्ची के न मिलने पर परिजन घबरा गए और मोहल्ले व आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू कर दी, लेकिन बच्ची का कहीं पता नहीं चल सका। दूसरी तरफ रोती बिलखती बच्ची को देख दुकानदारों ने सूचना पुलिस चौकी झींझक को दी। सूचना मिलते ही पुलिस कांस्टेबल सुरजेश कुमार तत्काल सब्जी मंडी पहुंचे और बच्ची को सुरक्षित चौकी लेकर आए। पुलिस के द्वारा मासूम बच्ची से काफी प्रयास कर पूछताछ की गई मगर वह कोई जानकारी नहीं दे सकी। वहीं, चौकी पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से बच्ची की तस्वीर शेयर पर पहचान करने की अपील की, करीब तीन घंटे बाद सोशल मीडिया के जरिए परिजनों को बच्ची के चौकी में होने की सूचना मिली। आनन-फानन में मां यासमीन अपने देवर हारून पुत्र शमशाद के साथ चौकी पहुंची। मां को देखते ही मासूम मरियम उनके गले लग गई और जोर-जोर से रोने लगी।
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पुलिस अधिकारी ने दी जानकारी
झींझक चौकी इंचार्ज सुधीर भारद्वाज ने बताया कि करीब तीन बजे सूचना मिली थी कि एक मासूम बच्ची भटक रही है, तत्काल मेरे द्वारा पुलिस को भेजकर बच्ची को पुलिस चौकी पर लाया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया के जरिए करीब ढाई घंटे बाद बच्ची के परिजन चौकी पर आए और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर बच्ची को उसके पिता दिलशाद, मां यासमीन व चाचा हारून को सुपुर्द कर दिया। बेटी को सकुशल पाकर परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस मानवीय कार्य के लिए कस्बे के लोगों ने झींझक चौकी पुलिस की जमकर सराहना की।