हिंदी
कानपुर देहात के झींझक पश्चिमी रेलवे क्रॉसिंग के पास आवारा मवेशी के सामने आने से आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस में इमरजेंसी ब्रेक लगाना पड़ा। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
झींझक पश्चिमी क्रॉसिंग रेलवे स्टेशन
Kanpur Dehat: रविवार रात दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब तेज रफ्तार से दौड़ रही एक एक्सप्रेस ट्रेन अचानक झटके के साथ रुक गई। अंधेरे में यात्रियों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही कोचों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। वजह थी रेलवे ट्रैक पर आ गया एक आवारा मवेशी, जिसने सैकड़ों यात्रियों की जान को पल भर में खतरे में डाल दिया। पायलट की सूझबूझ ने बड़ा हादसा होने से तो बचा लिया, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही उजागर कर दी।
ट्रेन के सामने आ गया आवारा मवेशी
यह घटना मऊ जंक्शन से आनंद विहार टर्मिनल जा रही आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस से जुड़ी है। ट्रेन रविवार रात करीब 09 बजकर 47 मिनट पर कानपुर देहात के झींझक पश्चिमी रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंची ही थी कि अचानक रेलवे ट्रैक पर एक आवारा मवेशी आ गया। तेज रफ्तार ट्रेन को सामने देख पायलट ने बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया।
इमरजेंसी ब्रेक से मची अफरा-तफरी
अचानक लगे ब्रेक से ट्रेन के कोचों में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। कई यात्री अपनी सीटों से उछल पड़े, तो कुछ लोग डर के मारे चीखने लगे। कुछ देर के लिए ऐसा लगा मानो कोई बड़ा रेल हादसा हो गया हो। हालांकि ब्रेक लगने के बावजूद मवेशी ट्रेन की चपेट में आ गया, लेकिन रफ्तार कम होने की वजह से बड़ा नुकसान टल गया।
महराजगंज में तेंदुए का आतंक, रातभर चला रेस्क्यू
चार मिनट तक खड़ी रही ट्रेन
हादसे के बाद एक्सप्रेस ट्रेन मौके पर ही खड़ी हो गई। पायलट और रेल कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन के आगे फंसे मवेशी के मांस के अवशेषों को हटाया। पूरी प्रक्रिया में करीब चार मिनट का समय लगा। इसके बाद रात 09 बजकर 51 मिनट पर ट्रेन को सुरक्षित रूप से आगे के लिए रवाना किया गया। ट्रेन के चलने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
यात्रियों में दिखा डर का माहौल
घटना के बाद कुछ देर तक ट्रेन में सन्नाटा पसरा रहा। कई यात्री सहमे नजर आए और एक-दूसरे से हादसे को लेकर चर्चा करते रहे। यात्रियों का कहना था कि अगर पायलट समय रहते ब्रेक न लगाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
एटा में भट्टे पर खूनखराबा, कुल्हाड़ी से हमला कर मजदूर की हत्या
आवारा पशुओं पर उठे सवाल
इस घटना ने रेलवे ट्रैक पर घूम रहे आवारा पशुओं की गंभीर समस्या को एक बार फिर सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि झींझक क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के आसपास अक्सर आवारा मवेशियों का जमावड़ा रहता है। आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, लेकिन अब तक कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए।
प्रशासन से मांग
लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि ट्रैक के किनारे मजबूत फेंसिंग कराई जाए और आवारा पशुओं को हटाने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े रेल हादसे से बचा जा सके।