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एटा के निधौलीकलां थाना क्षेत्र में ईंट-भट्टे पर काम के दौरान मजदूर पर कुल्हाड़ी से हमला हुआ। गंभीर रूप से घायल मजदूर की आगरा में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
एटा जिले का पोस्टमार्टम हाउस
Etah News: एटा जिले में एक ईंट-भट्टे पर दिनदहाड़े हुआ खौफनाक हमला अब मजदूर की मौत में बदल गया। काम के दौरान अचानक चली कुल्हाड़ी ने न सिर्फ एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि इलाके में दहशत भी फैला दी। मामूली कहासुनी या मानसिक असंतुलन, वजह जो भी रही हो, लेकिन इस वारदात ने फिर साबित कर दिया कि मजदूरों की जिंदगी कितनी असुरक्षित होती जा रही है।
पूरा मामला
यह सनसनीखेज घटना निधौलीकलां थाना क्षेत्र के दलसहायपुर गांव स्थित एक ईंट-भट्टे की है। यहां भट्टे पर काम कर रहे एक मजदूर पर उसी जगह मौजूद एक युवक ने अचानक कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि मजदूर गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा। आसपास काम कर रहे अन्य मजदूर और स्थानीय लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी युवक मौके पर हड़कंप मचा चुका था।
इलाज के दौरान मौत
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने बिना देर किए एंबुलेंस बुलाई और घायल मजदूर को तत्काल मेडिकल कॉलेज भिजवाया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। घायल मजदूर की पहचान अवागढ़ थाना क्षेत्र के नरोरा गांव निवासी के रूप में हुई। आगरा में इलाज के दौरान मजदूर ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और घर में मातम पसर गया।
आरोपी हिरासत में
घटना की सूचना पर निधौलीकलां पुलिस मौके पर पहुंची और तेजी से कार्रवाई करते हुए घनश्यामपुर गांव निवासी आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जा रहा है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और यह जानने की कोशिश हो रही है कि हमला किस वजह से किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। भट्टे पर काम करने वाले अन्य मजदूरों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
इलाके में दहशत
इस वारदात के बाद भट्टे पर काम करने वाले मजदूरों में डर का माहौल है। लोग सहमे हुए हैं और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते आरोपी पर नजर रखी जाती, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी।