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महराजगंज के फरेंदा ब्लॉक में टेंडर प्रक्रिया को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि टेंडर की जानकारी सीमित और अपंजीकृत माध्यमों में प्रकाशित की जा रही है। इससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं और मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
फरेंदा ब्लॉक
Maharajganj: जिले के फरेंदा ब्लॉक में टेंडर प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया हैजिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि ब्लॉक स्तर से जारी होने वाले टेंडरों का प्रकाशन निर्धारित नियमों के विपरीत अपंजीकृत एवं सीमित प्रसार वाले प्रकाशनों में कराया जा रहा है। जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता संदेह के घेरे में आ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसी भी सरकारी टेंडर की सूचना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाना आवश्यक होता है। जिससे अधिक से अधिक योग्य एवं इच्छुक ठेकेदार उसमें भाग ले सकें। लेकिन फरेंदा ब्लॉक में टेंडरों को ऐसे माध्यमों में प्रकाशित किया जा रहा है। जिनकी पहुंच आम लोगों तक नहीं हो पाती।
इस स्थिति के कारण प्रतिस्पर्धा सीमित हो रही है और कार्यों के कुछ चुनिंदा लोगों तक सिमट जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों ने बता यह पूरा मामला सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि इसमें अंदरखाने मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि ये आरोप सत्य साबित होते हैं, तो यह न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन है बल्कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की ओर भी संकेत करता है।
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जब इस संबंध में फरेंदा के खंड विकास अधिकारी अतुल कुमार त्रिवेदी से संपर्क करने की कोशिश की गई। उनका फोन नहीं लग सका। इस पूरे मामले पर अधिकारियों की चुप्पी ने संदेह को और गहरा कर दिया है। वहीं, क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।