रायबरेली में समाजवादी पार्टी ने एसआईआर फार्म 7 को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। मामले में कोई कार्रवाई न होने के विरोध में पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया गया।

SIR को लेकर सपा ने लगाए आरोप
Raebareli: रायबरेली में SIR प्रक्रिया को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी लगातार जिला प्रशासन को घेरते नजर आ रहे हैं। 4 फरवरी को समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष समेत कई पदाधिकारी और विधायकों ने प्रदर्शन करते हुए मतदाता सूची पर सवाल उठाया और काटे गए नामों को फिर से जोड़ने की बात करते हुए ज्ञापन दिया था। जिस पर आज तक कार्रवाई न होने के विरोध में पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया गया।
उन्होंने कहा कि सदर विधानसभा क्षेत्र की 166 बूथ संख्या पर 99 मतदाताओं के क्रम संख्या पर श्री राम नाम के व्यक्ति ने ऑब्जेक्शन लगाया था जिस दौरान उसने अपना मोबाइल नंबर भी रजिस्टर्ड कराया था। वही काटे गए नाम के मतदाता ने बताया कि 2003 में मतदाता सूची में मेरे माता-पिता जी का नाम और उनका आईडी नंबर जनरेट है और उसके आधार पर फॉर्म 7 भी हम लोगों द्वारा दिया गया है लेकिन इस तरह की साजिश करके 99 लोगों का नाम काटा गया है।
IND vs USA: भारत ने पहला मैच किया अपने नाम, USA को 29 रनों से हराया
इस पूरे मामले को लेकर BLO माला श्रीवास्तव द्वारा ऑब्जेक्शन करता श्री राम से बात की गई तो उन्होंने बताया इस मामले की मुझे कोई भी जानकारी नहीं है ना ही मेरे द्वारा किसी प्रकार का कोई ऑब्जेक्शन किया गया है।
इसके बाद समाजवादी पार्टी खेमे में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। उन्होंने इस मामले को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया था। आज तक उन नाम को दोबारा मतदाता सूची में नहीं बढ़ाया गया। सपा ने भारतीय जनता पार्टी पर मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से कटवाने का आरोप लगाया है।
रायबरेली में तेज रफ्तार का खौफनाक मंजर, मचा हड़कंप; जानिये पूरा अपडेट
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सपा नेता शशिकांत शर्मा ने बताया कि अगर जिला प्रशासन फॉर्म लेखन की कार्यवाही ऑनलाइन या ऑफलाइन कर रही है तो उसको सामने रखना चाहिए जिससे कि हम आंकलन तो लगा पाए कि मतदाता का नाम जोड़ा गया या नहीं, उन्होंने इस तरह की कार्यशैली पर जिला प्रशासन के ऊपर सवालिया निशान उठाएं है।