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बिसौली में जमीन विवाद को लेकर पूर्व सभासद मोबाइल टावर पर चढ़ गए, जिससे घंटों तक हड़कंप मच गया। पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन गंभीर आरोपों ने पूरे प्रकरण को संवेदनशील बना दिया है।
न्याय नहीं मिलने पर पूर्व सभासद मोबाइल टावर पर चढ़े
Budaun: उत्तर प्रदेश के बिसौली इलाके में जमीन विवाद ने उस वक्त सनसनी फैला दी, जब न्याय न मिलने से आहत एक पूर्व सभासद ने अपनी जान जोखिम में डालकर मोबाइल टावर पर चढ़कर हंगामा खड़ा कर दिया। यह हाई-वोल्टेज ड्रामा घंटों तक चलता रहा, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस-प्रशासन को मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा।
बदायूं के बिसौली नगर के मोहल्ला ओली चौक निवासी पूर्व सभासद विजय बाबू कोहली का अपने पैतृक जमीन को लेकर पिछले कई सालों से विवाद चल रहा है। उनका आरोप है कि विरोधी पक्ष ने उनकी जमीन पर जबरन कब्जे की कोशिश करते हुए “विवादित भूमि” का बोर्ड लगा दिया है, जिससे वह न तो जमीन का उपयोग कर पा रहे हैं और न ही उस पर कोई निर्माण कर पा रहे हैं। कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से वह लगातार मानसिक दबाव में थे।
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घटना के दौरान और बाद में विजय कोहली ने वजीरगंज क्षेत्र से जुड़े तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत 3 लोगों का नाम लेते हुए कहा कि इन्हीं लोगों के दबाव और संरक्षण में उनकी जमीन पर बार-बार बोर्ड लगाया जाता है और उन्हें धमकाया जाता है। उन्होंने साफ कहा कि वह लंबे समय से न्याय की उम्मीद में भटक रहे हैं और अब हालात असहनीय हो चुके हैं। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
घटना की जानकारी मिलते ही बिसौली कोतवाली पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टावर के नीचे सुरक्षा के लिहाज से जाल और गद्दे लगाए गए, साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई। अधिकारियों ने लगातार माइक से अपील करते हुए उन्हें समझाने का प्रयास किया। परिजनों की मौजूदगी में बातचीत के बाद उन्हें लिखित शिकायत लेकर राजस्व जांच और सीमांकन के आश्वासन दिए गए, जिसके बाद वह नीचे उतरने को तैयार हुए।
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पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। राजस्व टीम को जमीन के दस्तावेजों की जांच और मौके पर पैमाइश के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। अगर किसी भी पक्ष की ओर से धमकी या दबाव की पुष्टि होती है तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।