गोरखपुर में खरीफ की खेती पर संकट, किसानों ने प्रशासन से की ये मांग

गोला तहसील के दक्षिणांचल क्षेत्र में किसानों की उम्मीदों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली चौधरी चरण सिंह बारानगर सरयू नहर पिछले दो माह से सूखी पड़ी है, जिससे धान की नर्सरी समेत खरीफ फसलों की सिंचाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

Gorakhpur: गोला तहसील के दक्षिणांचल क्षेत्र में किसानों की जीवनरेखा मानी जाने वाली चौधरी चरण सिंह बारानगर सरयू नहर पिछले दो माह से सूखी पड़ी है। नहर में पानी न आने से धान की नर्सरी, सब्जियों और अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। किसानों ने सिंचाई विभाग और प्रशासन से तत्काल नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है।

बारानगर गांव स्थित सरयू नदी के पंप स्टेशन से निकलने वाली यह नहर भेड़ीताल तक जाती है और अपनी मुख्य शाखाओं व उपशाखाओं के माध्यम से हजारों एकड़ कृषि भूमि को सिंचित करती है। गोपालपुर, देवकली, भवनियापुर, अतरौरा, रानीपुर, सुअरज, कटया बनकटा, भड़सड़ा, सरया, सुरदापार और सेमरी सहित दर्जनों गांवों के किसान प्रत्यक्ष रूप से इस नहर पर निर्भर हैं।

किसानों ने बतायी समस्या

किसानों का कहना है कि नहर में पानी बंद होने से उन्हें निजी नलकूपों और अन्य वैकल्पिक साधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर नहर सूखी रहने से ताल-तलैया और पोखरों में भी जलस्तर घट गया है। इसका असर पशु-पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं पर भी पड़ रहा है, जिन्हें पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

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भवनियापुर और अतरौरा क्षेत्र सब्जी उत्पादन के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं। यहां से बड़ी मात्रा में सब्जियां आसपास के बाजारों में भेजी जाती हैं। किसानों का कहना है कि पानी के अभाव में सबसे अधिक नुकसान सब्जी उत्पादकों को हो रहा है।

किसान निषिथ राय, बबलू राय, जय प्रकाश राय, अशोक तिवारी, दिवाकर दूबे और गुड्डू राय ने बताया कि धान की नर्सरी किसी तरह निजी संसाधनों से तैयार कर ली गई है और अब रोपाई के लिए तैयार है। यदि जल्द नहर में पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की रोपाई प्रभावित होगी और खरीफ सीजन की खेती पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।

किसानों ने  दी ये चेतावनी

किसानों ने चेतावनी दी कि समय पर सिंचाई की व्यवस्था नहीं होने पर उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा, जिसका सीधा प्रभाव उनकी आय पर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नहर में पानी छोड़ने की मांग की है।

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जेई ने बतायी ये वजह

इस संबंध में नहर विभाग के जूनियर इंजीनियर रामानंद यादव ने बताया कि मार्च माह से नहर बंद है और वर्तमान में नहर में जमी सिल्ट की सफाई का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि विभागीय रोस्टर के अनुसार 17 जून से नहर चालू करने का कार्यक्रम निर्धारित है। सफाई कार्य पूरा होते ही तय समय पर नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा। फिलहाल किसान विभाग के इस आश्वासन पर निगाहें टिकाए हुए हैं।

Location :  Gorakhpur

Published :  5 June 2026, 2:29 PM IST

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