1000 का नोट देकर फंसा पीड़ित, न दवा मिली, न पैसे वापस, जानिए सहजनवा में हुए इस खेल की पूरी कहानी

गोरखपुर के सहजनवा सीएचसी परिसर स्थित जन औषधि केंद्र पर दवा का बिल और बकाया 200 रुपये मांगने पर एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित मनीष कुमार गौड़ की तहरीर पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केंद्र संचालक समेत तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Gorakhpur: गोरखपुर के सहजनवा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र पर शुक्रवार को दवा का बिल मांगने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि बिल और बचे हुए रुपये मांगने पर जन औषधि केंद्र के संचालक एवं उसके साथ मौजूद अन्य लोगों ने एक युवक के साथ मारपीट कर दी। सूचना मिलने पर यूपी-112 और सहजनवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप

मिनवा गांव निवासी मनीष कुमार गौड़, पुत्र लोकेश गौड़, ने सहजनवा थाने में दी गई तहरीर में बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ सीएचसी परिसर स्थित जन औषधि केंद्र पर दवा खरीदने गए थे। उनके अनुसार उन्होंने दवा के लिए 1,000 रुपये दिए थे। केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने दवा की कीमत 800 रुपये बताई। पीड़ित का आरोप है कि न तो उन्हें दवा दी गई और न ही शेष 200 रुपये वापस किए गए।

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विरोध करने पर मारपीट का आरोप

मनीष का कहना है कि जब उन्होंने दवा का बिल और बकाया राशि मांगी तो केंद्र पर मौजूद तीन लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट शुरू कर दी। शोर-शराबा सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर एकत्र हो गए। इस दौरान उनकी पत्नी ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद मारपीट जारी रही।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की सूचना तत्काल यूपी-112 को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद सहजनवा थाना पुलिस जन औषधि केंद्र के संचालक को पूछताछ के लिए थाने ले गई। पीड़ित ने लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

तीन आरोपी हिरासत में

इस मामले में सहजनवा थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक बलराम पांडेय ने बताया कि पीड़ित की तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले की जांच की जा रही है तथा तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल

घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्रों पर पारदर्शिता और उपभोक्ताओं को बिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।

Location :  Gorakhpur

Published :  3 July 2026, 6:28 PM IST

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