
पुलिस ने ऐसे लौटाई रकम
Gorakhpur: साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच थाना चिलुआताल पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक पीड़ित की पूरी रकम वापस की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे साइबर अभियान के तहत यह सफलता हासिल हुई, जिससे आम नागरिकों में भरोसा मजबूत हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक आवेदक ने 23 मार्च 2026 को ऑनलाइन भुगतान करते समय गलतीवश एक अज्ञात नंबर पर UPI के माध्यम से ₹19,992 भेज दिए थे। रकम भेजने के बाद जब आवेदक को अपनी गलती का एहसास हुआ तो उसने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना चिलुआताल की साइबर टीम ने बिना देर किए जांच शुरू कर दी।
पुलिस अधीक्षक उत्तरी के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष सूरज सिंह के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए ट्रांजेक्शन की पूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थानों से समन्वय स्थापित कर रकम को होल्ड कराया गया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए पीड़ित के खाते में पूरी धनराशि वापस कर दी गई।
इस सराहनीय कार्यवाही में थानाध्यक्ष सूरज सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार और उपनिरीक्षक सच्चिदानन्द पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की तत्परता और तकनीकी दक्षता के चलते यह संभव हो सका कि पीड़ित को उसकी पूरी रकम सुरक्षित वापस मिल गई।
पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि ऑनलाइन लेन-देन करते समय सतर्कता बरतें और किसी भी अज्ञात नंबर या लिंक पर भुगतान करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल कर लें। साथ ही, यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान से बचा जा सके।
चिलुआताल पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि सतर्कता और त्वरित शिकायत के साथ साइबर ठगी के मामलों में भी पैसा वापस पाया जा सकता है।
Location : Gorakhpur
Published : 2 May 2026, 8:52 PM IST