Gorakhpur News: खजनी में अंबेडकर जयंती समारोह, शिक्षा और समानता के महत्व पर वक्ताओं ने दिया जोर

गोरखपुर के खजनी तहसील बार एसोसिएशन में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती गरिमा के साथ मनाई गई। अधिवक्ताओं ने चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उनके समानता, शिक्षा और अधिकारों के विचारों को याद किया।

Gorakhpur: तहसील खजनी बार एसोसिएशन के तत्वावधान में भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्य प्रकाश श्रीवास्तव (एडवोकेट) ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल दलित समाज के ही नहीं बल्कि पूरे देश और हर वर्ग के सर्वमान्य नेता थे। उन्होंने भारतीय समाज को समानता, न्याय और अधिकारों का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कुछ राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि बाबा साहब के सिद्धांतों को केवल अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करना उनके विचारों का अपमान है।

Gorakhpur: गोरखपुर के रेती में खूनी संघर्ष, मामूली पार्किंग विवाद ने लिया हिंसक रूप

अध्यक्ष श्रीवास्तव ने बाबा साहब द्वारा 11 जुलाई 1942 को दिए गए प्रसिद्ध नारे “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नारा आज भी समाज के वंचित और शोषित वर्गों को सशक्त बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह हथियार है जिससे समाज में बराबरी और अधिकार सुनिश्चित किए जा सकते हैं।

कार्यक्रम का संचालन बार एसोसिएशन के महामंत्री चन्द्रमौलि कुमार शर्मा (एडवोकेट) ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वर चन्द्र सिंह (एडवोकेट), उपाध्यक्ष दिनेश कुमार (एडवोकेट), कोषाध्यक्ष अच्युता नन्द मिश्रा (एडवोकेट), संयुक्त मंत्री प्रकाशन अजय कुमार सिंह (एडवोकेट), संयुक्त मंत्री प्रशासन नरेन्द्र यादव (एडवोकेट) एवं संयुक्त मंत्री पुस्तकालय गंगा सागर (एडवोकेट) सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।

Gorakhpur: पीपीगंज के इस अपराधी की खुली हिस्ट्रीशीट, जानें क्या है ‘बी’ श्रेणी की निगरानी

कार्यक्रम में रमाकांत प्रसाद, के.के. सिंह, कृपाशंकर सिंह, शिवकुमार, कमलेश पाण्डेय, अनुप सिंह और संजय पाण्डेय समेत अन्य अधिवक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। सभी ने एक स्वर में कहा कि बाबा साहब के आदर्शों को अपनाकर ही समाज में वास्तविक समानता और न्याय स्थापित किया जा सकता

Location :  Gorakhpur

Published :  14 April 2026, 1:45 PM IST

Advertisement