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चेकिंग के दौरान शुरू हुई मुठभेड़ ( Source: Dynamite News)
Gorakhpur: गोरखपुर में सोमवार देर रात एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू के साथ मुठभेड़ की। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपी और मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह दोनों गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मुस्तफिजुल रहमान को मृत घोषित कर दिया। घायल पुलिसकर्मी का उपचार जारी है।
पुलिस के मुताबिक, 13 जुलाई 2026 की रात करीब 11 बजे रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन के पास एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुन्दनपुर निवासी मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू बाइक से वहां पहुंचा। पुलिस का दावा है कि रुकने का इशारा करने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा। इस दौरान बदमाश की गोली मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह को भी लगी, जिससे वह घायल हो गए। पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।
घायल आरोपी और मुख्य आरक्षी को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद मुस्तफिजुल रहमान को मृत घोषित कर दिया, जबकि मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह का इलाज जारी है। पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से .32 बोर की एक पिस्टल, एक मोटरसाइकिल, कई जिंदा कारतूस और बड़ी संख्या में खोखे बरामद किए हैं। बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
मुस्तफिजुल रहमान आजमगढ़ में बसपा नेता कलामुद्दीन हत्याकांड का आरोपी था और वर्ष 2024 से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, धमकी और पुलिस हिरासत से फरार होने सहित कुल 10 गंभीर मुकदमे दर्ज थे। पहले उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुस्तफिजुल के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2003 में आजमगढ़ के मेहनगर थाने में चोरी के मामले में दर्ज हुआ था। इसके बाद 2008, 2011 और 2012 में हत्या के प्रयास, हत्या और आपराधिक साजिश जैसे मामलों में उसका नाम सामने आया। वर्ष 2013 में उसके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 82 और 83 के तहत उद्घोषणा एवं संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी की गई।
वर्ष 2024 में महाराष्ट्र के अमरावती ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस हिरासत से फरार होने का मामला भी उसके खिलाफ दर्ज हुआ। वहीं 2026 में हरदोई जिले के बिलग्राम थाने में भी बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
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पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ की वैधानिक जांच कराई जा रही है। बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच के साथ आरोपी के आपराधिक नेटवर्क और उसके सहयोगियों की भी जांच की जा रही है।
Location : Gorakhpur
Published : 14 July 2026, 8:32 AM IST