Gorakhpur News: राप्ती नदी बनी मौत का घाट! बच्चों की लगातार मौतों के बाद खुद मैदान में उतरे बड़े अफसर

गोरखपुर में राप्ती नदी में नहाने के दौरान बच्चों की लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन को गंभीर चिंता में डाल दिया है। हालिया घटनाओं के बाद मंडलायुक्त अनिल ढींगरा और डीआईजी एस. चन्नप्पा ने संवेदनशील घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। अधिकारियों ने चेतावनी बोर्ड लगाने, लाल संकेतक स्थापित करने और गांवों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 30 May 2026, 5:58 PM IST

Gorakhpur: राप्ती नदी में बच्चों की लगातार हो रही दर्दनाक मौतों ने गोरखपुर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हर कुछ दिनों में नदी में डूबने की घटनाएं सामने आने से न केवल परिवारों की खुशियां उजड़ रही हैं, बल्कि पूरे इलाके में भय और चिंता का माहौल भी बनता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि अब प्रशासन को खुद मैदान में उतरना पड़ा है। शुक्रवार को मंडलायुक्त अनिल ढींगरा और पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) एस. चन्नप्पा ने राप्ती नदी के संवेदनशील घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं की हकीकत परखी और अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

मौतों के बढ़ते आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

राप्ती नदी के किनारे बसे कई गांवों में गर्मी के मौसम में बच्चे और किशोर अक्सर नदी में नहाने पहुंच जाते हैं। कई स्थानों पर नदी की गहराई अचानक बढ़ जाती है, जिसकी जानकारी स्थानीय लोगों को भी हमेशा नहीं होती। बीते दिनों कई बच्चों की डूबने से हुई मौतों ने प्रशासन को झकझोर दिया है।

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खतरनाक घाटों की हुई पहचान

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नदी किनारे मौजूद उन स्थानों को चिन्हित किया जहां पानी अधिक गहरा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई ऐसे घाटों की पहचान की गई जहां सुरक्षा संबंधी कोई विशेष व्यवस्था मौजूद नहीं थी।

चेतावनी बोर्ड पर होंगे जरूरी नंबर

प्रशासन ने केवल सामान्य चेतावनी बोर्ड लगाने की बजाय उन्हें अधिक उपयोगी बनाने की योजना तैयार की है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि हर बोर्ड पर संबंधित थानाध्यक्ष का मोबाइल नंबर, एनडीआरएफ का संपर्क नंबर और अन्य आवश्यक आपातकालीन जानकारी स्पष्ट रूप से लिखी जाए।

गांव-गांव चलेगा जागरूकता अभियान

निरीक्षण के दौरान यह भी महसूस किया गया कि केवल चेतावनी बोर्ड लगाने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। कई बार बच्चे और किशोर चेतावनियों को नजरअंदाज कर नदी में उतर जाते हैं, जिससे हादसे हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडलायुक्त ने नदी किनारे बसे गांवों में विशेष चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों और अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि बच्चों को बिना निगरानी नदी में न जाने दें और खतरनाक स्थानों के बारे में जानकारी दें।

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गहरे पानी वाले क्षेत्रों में लगाए जाएंगे लाल संकेतक

सिंचाई विभाग को भी इस अभियान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर नदी की गहराई अधिक है, वहां तत्काल लाल रंग के चेतावनी संकेतक लगाए जाएं।

पुलिस को बढ़ानी होगी निगरानी

डीआईजी एस. चन्नप्पा ने निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील घाटों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर हादसों की संभावना अधिक है वहां नियमित गश्त की जाए और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया जाए।

Location :  Gorakhpur

Published :  30 May 2026, 5:58 PM IST