गोरखपुर की खजनी तहसील में एडीएम हिमांशु बर्मा के औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई। भूलेखागार सहित कई कार्यालयों में रिकॉर्ड अव्यवस्थित मिले और फाइलों में जरूरी दस्तावेज भी नदारद थे। एडीएम ने जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार के सख्त निर्देश दिए।

खजनी तहसील में एडीएम का औचक निरीक्षण
Gorakhpur: उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा के निर्देशन में एडीएम (सीआईओ) हिमांशु बर्मा ने खजनी तहसील का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसील की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, भूलेखागार कक्ष सहित विभिन्न कार्यालयों में अभिलेखों की स्थिति बेहद खराब पाई गई, जिस पर एडीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
निरीक्षण में सामने आया कि अधिकांश कक्षों में रिकार्ड क्रमबद्ध नहीं थे। फाइलें बिखरी हुई मिलीं, कई टेबलों पर संबंधित अधिकारियों के नाम-पट (नेम प्लेट) तक नहीं लगे थे। हैरानी की बात यह रही कि कई रिकार्ड फाइलों में आवश्यक चिप्पड़ तक नहीं पाए गए, जो सरकारी कामकाज में गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
इस पर एडीएम हिमांशु बर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी रिकार्ड तत्काल सुदृढ़, सुरक्षित और क्रमबद्ध किए जाएं, वरना जिम्मेदारी तय की जाएगी।
एडीएम ने तहसील के प्रत्येक कक्ष में बारीकी से जांच की और सभी विभागों के दस्तावेजों की साफ-सफाई व रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि जिलाधिकारी के संभावित आगमन की सूचना पहले से होने के बावजूद व्यवस्थाएं केवल दिखावटी रहीं।
बताया जाता है कि डीएम के आने की सूचना पर राजस्व विभाग ने सुबह से ही आनन-फानन में साफ-सफाई कराई। आरसीसी मार्ग की धुलाई कराई गई, वृक्षारोपण कराया गया और चौमुखी लाइटें भी लगाई गईं, लेकिन यह सब केवल औपचारिकता साबित हुई। जिलाधिकारी के न पहुंचने से दूर-दराज से आए कई वादकारी मायूस होकर लौट गए।
निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर के स्वागत (वेलकम) गेट पर खड़ी बाइक को देख एडीएम हिमांशु बर्मा ने एसडीएम खजनी राजेश प्रताप सिंह से सवाल किए, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। यह दृश्य भी तहसील में अनुशासनहीनता और लचर व्यवस्था की ओर इशारा करता है।