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गोरखपुर में एक नौकरी से जुड़ा मामला जांच के घेरे में आया है। दस्तावेजों की पड़ताल के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। पूरे मामले में कई अहम सवाल अब भी बाकी हैं, जिनके जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस की गिरफ्त में अभियुक्ता रचना विश्वकर्मा
Gorakhpur: कूटरचित और अवैध दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल करने के एक गंभीर मामले का शाहपुर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे धोखाधड़ी विरोधी विशेष अभियान के तहत की गई है। मामले के सामने आने के बाद विभागीय और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
पुलिस के अनुसार अभियुक्ता ने कूटरचित शैक्षणिक प्रमाण पत्रों और अन्य जरूरी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अवैध रूप से नौकरी प्राप्त की थी। इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद थाना शाहपुर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि अभियुक्ता ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर धोखाधड़ी की।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ के पर्यवेक्षण में की गई। थाना शाहपुर के थानाध्यक्ष चन्द्रभान सिंह के नेतृत्व में उप निरीक्षक विवेक रंजन की टीम ने मुकदमा संख्या 280/2025 से संबंधित वांछित अभियुक्ता रचना विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि लंबे समय से इस मामले की तकनीकी और दस्तावेजी जांच की जा रही थी।
अभियुक्ता रचना विश्वकर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इन धाराओं में धोखाधड़ी, कूटरचना, जालसाजी और अवैध लाभ प्राप्त करने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्ता को कड़ी सजा हो सकती है।
गिरफ्तार अभियुक्ता रचना विश्वकर्मा मूल रूप से ग्राम कसीली उत्तर टोला, थाना मईल, जनपद देवरिया की निवासी है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वह वर्तमान में गोरखपुर के बशारतपुर क्षेत्र और लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में किराए के मकान में रह रही थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसने किन-किन स्थानों पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
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पुलिस ने अभियुक्ता को न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस फर्जीवाड़े में किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता है।