Gorakhpur: स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति पर मंडलायुक्त नाराज, अब 15 दिन में दिखाना होगा असर

गोरखपुर मंडल में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की धीमी प्रगति पर मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कई प्रमुख इंडिकेटर संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट मांगी। दवाओं की उपलब्धता, ओपीडी, आयुष्मान कार्ड, जननी सुरक्षा और एंबुलेंस सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए।

Gorakhpur News: गोरखपुर मंडल में स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति को लेकर अधिकारियों पर अब निगरानी बढ़ गई है। मंगलवार को मंडलीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान कई प्रमुख इंडिकेटरों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक तक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अपेक्षित सुधार दिखाई देना चाहिए।

खराब प्रगति पर अधिकारियों से मांगा जवाब

मंडलायुक्त ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान कई योजनाओं के प्रदर्शन में कमी सामने आई। अधिकारियों की ओर से खराब प्रगति के पीछे संतोषजनक कारण नहीं बताए जाने पर उन्होंने गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचना जरूरी है। समीक्षा रिपोर्ट में वास्तविक, अद्यतन और तथ्यपरक आंकड़े प्रस्तुत करने की भी हिदायत दी गई।

हर 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को हर 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जमीनी स्थिति पर लगातार नजर रखना है। अब अगली समीक्षा तक प्रमुख इंडिकेटरों में सुधार दिखाना अधिकारियों के लिए अहम जिम्मेदारी होगी।

दवाओं की कमी पर भी सख्ती

सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी मंडलायुक्त ने निर्देश दिए। उन्होंने दवाओं की मांग, आपूर्ति और वितरण की नियमित निगरानी करने को कहा। किसी स्वास्थ्य केंद्र पर दवाओं की कमी मिलने पर तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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ओपीडी में कमी के कारण तलाशने के निर्देश

पिछले वर्ष की तुलना में ओपीडी में आई कमी को भी मंडलायुक्त ने गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इसके वास्तविक कारणों की जांच कराने को कहा। साथ ही मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने और चिकित्सा व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

आयुष्मान और जननी सुरक्षा पर जोर

आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लोगों के कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जननी सुरक्षा योजना में लंबित प्रोत्साहन राशि का समय से भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

इसके अलावा एनआरसी में भर्ती कुपोषित बच्चों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार और पौष्टिक आहार देने पर जोर दिया गया। परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों तक समय से पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

Location :  Gorakhpur

Published :  16 September 2026, 8:49 AM IST

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