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गोरखपुर फायरिंग केस की आरोपी अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह न्यूड वीडियो कॉल के जरिए पुलिसकर्मियों और आम लोगों को ब्लैकमेल करती थी।
आरोपी अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा
Gorakhpur: गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना के बाद आरोपी अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा को लेकर रोज नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि अंशिका सिर्फ गोलीकांड की आरोपी नहीं, बल्कि वह पिछले कई वर्षों से ब्लैकमेलिंग, रंगदारी और धोखाधड़ी का एक संगठित नेटवर्क चला रही थी, जिसका दायरा गोरखपुर, महराजगंज, संतकबीरनगर और अन्य जिलों तक फैला हुआ था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अंशिका पुलिसकर्मियों और अन्य प्रभावशाली लोगों को सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क में लेती थी। भरोसा जीतने के बाद वह वीडियो कॉल के दौरान खुद को निर्वस्त्र कर लेती और सामने वाले का वीडियो या स्क्रीनशॉट रिकॉर्ड कर लेती थी। इसके बाद उन्हीं रिकॉर्डिंग्स के आधार पर वह मोटी रकम की मांग करती थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अंशिका के मोबाइल फोन से करीब 15 पुलिसकर्मियों, जिनमें एक सीओ स्तर का अधिकारी भी शामिल है, के साथ बातचीत और कॉल डिटेल्स मिली हैं।
पुलिस अब अंशिका के बैंक खातों की गहन जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि किसने, कब और क्यों उसे पैसे ट्रांसफर किए। आशंका है कि ये लेन-देन ब्लैकमेलिंग के जरिए किए गए थे। जिन लोगों ने अंशिका को पैसे भेजे हैं, उनके बयान दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
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मोबाइल जांच में चैट, वीडियो, कॉल रिकॉर्ड और फोटो जैसे कई अहम डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं, जिन्हें केस डायरी में शामिल किया गया है।
इस मामले में सिर्फ अंशिका ही नहीं, बल्कि उसके संपर्क में रहे पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह देखा जाएगा कि यह संपर्क केवल औपचारिक था या फिर इसमें किसी तरह की अनुचित संलिप्तता थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि अंशिका सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय थी और उसने कई पुलिसकर्मियों और नेताओं के साथ रील व वीडियो बनाए थे।
मिली जानकारी के अनुसार, 20 जनवरी को अंशिका अपने दोस्तों के साथ कैंट इलाके के सिंघड़िया में मॉडल शॉप के पास जन्मदिन मना रही थी। इसी दौरान एक निजी अस्पताल के मैनेजर विशाल मिश्रा से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि अंशिका ने विशाल से पहले भी पिस्टल दिखाकर पैसे वसूले थे।
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घटना वाले दिन उसने 50 हजार रुपये की मांग की। जब विशाल केवल 20 हजार रुपये लेकर पहुंचा तो कहासुनी बढ़ गई। इसी दौरान छीना-झपटी में गोली चल गई, जो विशाल के दोस्त अमिताभ निषाद के पेट में जा लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने अंशिका और उसके साथियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अंशिका पहले भी कई गंभीर मामलों में शामिल रही है। जिसमें-
संतकबीरनगर में युवक से 50 हजार की वसूली: पैसे न देने पर पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी।
मकान मालकिन से 2 लाख की रंगदारी: झूठे केस की धमकी देकर दबाव बनाया।
किराए की THAR चोरी: फर्जी नंबर प्लेट लगाकर लंबे समय तक फरार रही।
अंशिका सोशल मीडिया पर रील बनाने की शौकीन है। उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 700 से ज्यादा वीडियो हैं। उसने थानों और पुलिस गाड़ियों के सामने भी आपत्तिजनक गानों के साथ रील बनाई थी, जिससे उसकी मानसिकता और बेखौफ रवैये का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस अब अंशिका के नेटवर्क, संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि इस केस में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।