गोरखपुर: निजी प्रसव केंद्र में प्रसूता की मौत से मचा हड़कंप, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

गोला उपनगर में संचालित एक निजी प्रसव केंद्र पर प्रसव के बाद 28 वर्षीय प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि क्षेत्र में अवैध व बिना मानक सुविधा वाले प्रसव केंद्रों को लेकर फिर सवाल…पढ़ें पूरी खबर

Updated : 11 February 2026, 7:21 PM IST

गोरखपुर: गोला उपनगर में संचालित एक निजी प्रसव केंद्र पर प्रसव के बाद 28 वर्षीय प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि क्षेत्र में अवैध व बिना मानक सुविधा वाले प्रसव केंद्रों को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या है पूरी खबर?

जानकारी के अनुसार, गोला थाना क्षेत्र के ग्राम खिरकिटा दिगर निवासी लाली देवी (28 वर्ष), पत्नी रमेश गौड़, को मंगलवार देर रात प्रसव पीड़ा होने पर परिजन गोला थाने के समीप स्थित एक निजी आवास पर ले गए। बताया जा रहा है कि उक्त स्थान पर एक महिला द्वारा प्रसव कराया जाता है। वहीं प्रसव कराया गया और नवजात शिशु स्वस्थ बताया जा रहा है।

उपचार की व्यवस्था नहीं...

परिजनों का आरोप है कि प्रसव के कुछ ही देर बाद लाली देवी की हालत अचानक बिगड़ने लगी। उन्होंने बताया कि प्रसूता को अत्यधिक रक्तस्राव और कमजोरी की शिकायत होने लगी, लेकिन समय रहते समुचित उपचार की व्यवस्था नहीं की गई। हालत गंभीर होने पर रात करीब एक बजे उसे गोला स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को घर भेज दिया गया।

पुलिस को तहरीर 

मृतका की बड़ी बहन सविता गौड़ ने आरोप लगाया कि प्रसूता की स्थिति बिगड़ने के बावजूद सामान्य प्रसव कराने का प्रयास किया गया। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती तो जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने इस मामले में पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की बात कही है। उधर, पुलिस का कहना है कि समाचार लिखे जाने तक उन्हें कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों की ओर से तहरीर

घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बिना पंजीकरण और पर्याप्त चिकित्सकीय संसाधनों के प्रसव कराना आम हो गया है, जिससे आए दिन गंभीर घटनाएं सामने आती रहती हैं। प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस शिकायत की प्रतीक्षा कर रही है। यदि परिजनों की ओर से तहरीर दी जाती है तो मामले में जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई संभव है। घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित मातृत्व सेवाओं की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया ।

 

Location : 
  • गोरखपुर

Published : 
  • 11 February 2026, 7:21 PM IST