
8 साल बाद मिला इंसाफ!
Gorakhpur: सात साल पुराने एक संवेदनशील और गंभीर मामले में आखिरकार न्याय की जीत हुई है। नाबालिग से यौन उत्पीड़न के आरोपी को गोरखपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस फैसले को बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के विरुद्ध एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार थाना चौरी-चौरा क्षेत्र में वर्ष 2018 में एक नाबालिग से यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था। पीड़िता के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 259/2018 दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष कई महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए। गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजी प्रमाण अदालत में पेश किए गए, जिनके आधार पर आरोपों की पुष्टि हुई।
अपर सत्र न्यायाधीश एवं पॉक्सो कोर्ट संख्या-04, गोरखपुर ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद आरोपी सुरेंद्र पुत्र रामहरख निवासी बेलवा बाबू, थाना चौरी-चौरा, जनपद गोरखपुर को दोषी करार दिया। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले अपराध समाज के लिए गंभीर चुनौती हैं और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।
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उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित "ऑपरेशन कनविक्शन" अभियान का उद्देश्य गंभीर अपराधों में आरोपियों को सजा दिलाना और लंबित मामलों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है। इसी अभियान के तहत इस मामले की लगातार निगरानी की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना चौरी-चौरा के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने केस की प्रगति पर लगातार नजर रखी। न्यायालय में समय-समय पर प्रभावी पैर
Location : Gorakhpur
Published : 30 May 2026, 6:17 PM IST