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दहेज हत्या जैसे जघन्य अपराध के मामले में गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2018 में थाना पिपराईच पर दर्ज एक चर्चित मामले में मा० न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। यह कार्रवाई प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत…
दहेज हत्या में 8 साल की सजा
गोरखपुर: दहेज हत्या जैसे जघन्य अपराध के मामले में गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2018 में थाना पिपराईच पर दर्ज एक चर्चित मामले में मा० न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई है। यह कार्रवाई प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी का परिणाम मानी जा रही है।
क्या है पूरी खबर?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना पिपराईच क्षेत्र में वर्ष 2018 में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शुरू से ही साक्ष्यों को मजबूत करने और अभियोजन पक्ष को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना स्तर पर पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने लगातार केस की निगरानी की, जिससे न्यायालय में मजबूत प्रस्तुतीकरण संभव हो सका।
30,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित
लंबी सुनवाई के बाद मा० न्यायालय एडीजे-8, गोरखपुर ने अभियुक्त अजय कुमार यादव पुत्र चंद्रभान यादव निवासी बापू नगर वार्ड नंबर 5, थाना पिपराईच को दोषी करार दिया। न्यायालय ने अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 304बी एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत 8 वर्ष के कठोर कारावास तथा 30,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियुक्त को दोषी मानते हुए सजा
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) श्री अतुल कुमार सिंह एवं श्री धर्मेंद्र कुमार दूबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी सशक्त दलीलों और साक्ष्यों के सटीक प्रस्तुतीकरण के चलते न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान का उद्देश्य गंभीर अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी न्याय सुनिश्चित करना है, ताकि अपराधियों को समयबद्ध तरीके से सजा मिल सके और समाज में कानून का भय बना रहे। इस फैसले से न सिर्फ पीड़ित परिवार को न्याय मिला है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि दहेज जैसे अपराधों में लिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। गोरखपुर पुलिस की इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत देती है।