गोरखपुर में स्वच्छ भारत मिशन की खुली पोल: गोला में बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय, सरयू नदी बन रही गंदगी का शिकार

गोला नगर पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन की हकीकत उजागर हो गई है। लाखों रुपये खर्च कर बने सार्वजनिक शौचालय वर्षों से बंद हैं। खुले में शौच और सरयू नदी में गंदगी से जनस्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 7 January 2026, 11:40 AM IST

Gorakhpur: जनपद के दक्षिणांचल क्षेत्र में स्थित जिले की दूसरी सबसे बड़ी नगर पंचायत गोला में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर किए जा रहे तमाम दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय आज खुद बदहाली की तस्वीर पेश कर रहे हैं। हालात यह हैं कि नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्रों में बने कई सार्वजनिक शौचालय वर्षों से बंद पड़े हैं, जिससे आमजन खुले में शौच करने को मजबूर है और पवित्र सरयू नदी लगातार प्रदूषण की चपेट में आ रही है।

प्रचार से बेहद अलग है धरातल की स्थिति

नगर पंचायत गोला में स्वच्छता के नाम पर योजनाओं का खूब प्रचार किया जाता है, लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद चिंताजनक है। कई स्थानों पर सार्वजनिक शौचालयों से निकलने वाला मल-मूत्र सीधे सरयू नदी में गिराया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, जो शौचालय बनाए गए हैं, उनमें अधिकांश पर हमेशा ताले लटके रहते हैं। कागजों में केयर टेकरों की नियुक्ति दर्शाई जाती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि न तो शौचालय खुले रहते हैं और न ही उनकी नियमित सफाई या देखरेख हो रही है।

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स्थानीय लोगों का बयान

सबसे बदतर स्थिति नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्रों की है। वार्ड नंबर 4 भवनियापुर में स्थित सार्वजनिक शौचालय का निर्माण लगभग चार वर्ष पूर्व ग्राम सभा के दौरान कराया गया था। नगर पंचायत में क्षेत्र के शामिल होने के बाद इस शौचालय पर लाखों रुपये खर्च कर टाइल्स लगवाने और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया। बावजूद इसके, आज तक यह शौचालय आम जनता के उपयोग के लिए नहीं खोला गया।

स्वच्छ भारत मिशन (Img- Internet)

स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत और सौंदर्यीकरण केवल कागजों तक सीमित रहा और धरातल पर कोई उपयोगी व्यवस्था नहीं की गई। इस संबंध में जब वार्ड सभासद संदीप सोनकर से बात की गई तो उन्होंने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए जांच कराने की बात कही। वहीं स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता के कारण समस्या वर्षों से जस की तस बनी हुई है।

वार्ड नंबर 10 और 11 की स्थिति

वार्ड नंबर 10 की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। रानीपुर, अतरौरा सब्जी मंडी और सरकारी पशु चिकित्सालय के सामने बने तीनों सार्वजनिक शौचालय हमेशा बंद रहते हैं। इन स्थानों पर प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती है, लेकिन शौचालय बंद होने के कारण लोगों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे न केवल स्वच्छता प्रभावित हो रही है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।

इसी तरह वार्ड नंबर 11 बेवरी में बना सार्वजनिक शौचालय भी वर्षों से बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार नगर पंचायत के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ये सभी शौचालय विस्तारित क्षेत्रों में आते हैं, जो नगर पंचायत की अव्यवस्था और लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण हैं।

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स्थानीय नागरिकों का गंभीर आरोप

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, योजनाओं का जमकर प्रचार हो रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा। सभासदों, नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी की निष्क्रियता का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। खुले में शौच के कारण न केवल संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, बल्कि सरयू नदी का पर्यावरण भी गंभीर संकट में है।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 7 January 2026, 11:40 AM IST