
सुप्रीम कोर्ट (Img: Google)
Ghaziabad: गाजियाबाद में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस गंभीर मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा आदेश जारी किया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिया है कि इस केस की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, इस SIT में तीन वरिष्ठ महिला अधिकारी शामिल होंगी। इसमें एक आईजी रैंक की अधिकारी, एक एसपी रैंक की अधिकारी और एक डीएसपी रैंक की अधिकारी होंगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह टीम अगले ही दिन से मामले की जांच नए सिरे से शुरू करेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अदालत ने पीड़िता के माता-पिता की शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले में निजी अस्पतालों की भूमिका की गहराई से जांच करने को भी कहा गया है। कोर्ट ने साफ किया कि जांच हर पहलू को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।
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सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि बच्ची जब निजी अस्पताल ले जाई गई थी। तब वह जीवित थी। इस अहम पहलू को सुप्रीम कोर्ट ने विशेष रूप से ध्यान में लेने को कहा है। जिससे जांच की दिशा और भी गंभीर हो गई है।
इससे पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ और नंदग्राम थाना प्रभारी को भी तलब किया था और उनसे पूरे मामले पर जवाब मांगा था।
यह दर्दनाक घटना 16 मार्च की है। बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस का एक युवक उसे बहला-फुसलाकर सुनसान जगह ले गया और इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। अब इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी के हाथों में होगी।
Location : Ghaziabad
Published : 24 April 2026, 3:28 PM IST