
अस्पताल की तस्वीर
Noida: गौतमबुद्ध नगर के राज्य कर विभाग कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर (GST) वेद प्रकाश सिंह को हार्ट अटैक आ गया। अधिकारियों ने एडिशनल कमिश्नर पर अभद्रता और धमकी देने के आरोप लगाए हैं, जबकि एडिशनल कमिश्नर ने आरोपों को खारिज किया है।
गौतमबुद्ध नगर के राज्य कर विभाग कार्यालय में शुक्रवार को हुई एक विभागीय बैठक उस समय विवादों में घिर गई। जब समीक्षा बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर (GST) वेद प्रकाश सिंह अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। अधिकारियों का आरोप है कि बैठक के दौरान हुई कथित अभद्रता और मानसिक दबाव के चलते उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत को देखते हुए आईसीयू में शिफ्ट किया गया है।
जानकारी के अनुसार, सेक्टर-148 स्थित राज्य कर विभाग के कार्यालय में समीक्षा बैठक चल रही थी। बैठक में मौजूद अधिकारियों का कहना है कि डिप्टी कमिश्नर वेद प्रकाश सिंह लगातार यह समझाने की कोशिश कर रहे थे कि विभागीय कार्यों को पूरा करने के लिए उन्हें थोड़ा समय दिया जाए। उन्होंने बैठक के दौरान कहा कि पिछले पांच दिनों से वह पुलिस भर्ती ड्यूटी में लगे हुए थे और विभाग के कई कर्मचारी जनगणना संबंधी कार्यों में भी व्यस्त हैं। इसके बावजूद टीम दिन-रात काम कर रही है और जल्द ही सभी लंबित कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
अधिकारियों का आरोप है कि उनकी बात सुनने के बजाय एडिशनल कमिश्नर संदीप भागिया ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, प्रमोशन रोकने तक की धमकी देने की बात भी सामने आई है। इसी दौरान वेद प्रकाश सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बैठक में ही बेहोश होकर गिर पड़े।
घटना के तुरंत बाद मौजूद अधिकारियों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। विभागीय अधिकारियों ने उनके परिवार को सूचना दे दी है। बताया जा रहा है कि उनके परिजन वाराणसी से गौतमबुद्ध नगर के लिए रवाना हो चुके हैं।
कुछ अधिकारियों ने दावा किया कि जब भी एडिशनल कमिश्नर समीक्षा बैठकों के लिए आते हैं, तब किसी न किसी अधिकारी के साथ अभद्रता और गालीगलौज की शिकायत सामने आती है। अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले सप्ताह डीसी आलोक कुमार की तबीयत भी बैठक के बाद बिगड़ी थी, जबकि एक अन्य अधिकारी मधुलिका सिंह भी कथित तौर पर मानसिक दबाव से परेशान रही हैं।
वहीं, एडिशनल कमिश्नर संदीप भागिया ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि समीक्षा के दौरान सवाल पूछे जाने पर डिप्टी कमिश्नर असहज हो गए थे और भावनात्मक रूप से उद्वेलित दिखाई दे रहे थे। उन्हें शांत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन जब उनकी स्थिति सामान्य नहीं हुई तो उन्हें अस्पताल भेजा गया। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल उनकी तबीयत ठीक है।
Location : Noida
Published : 13 June 2026, 9:30 AM IST