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यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं की कॉपियों का मूल्यांकन 18 मार्च से प्रदेश के 250 केंद्रों पर शुरू होगा। रिजल्ट अप्रैल के अंतिम सप्ताह में जारी होने की संभावना है। जिसे upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर देखा जा सकेगा। इस बार स्टेप-वाइज मार्किंग लागू होगी। जिससे छात्रों को हर सही स्टेप के अंक मिलेंगे और रिजल्ट बेहतर हो सकता है।
यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट (Img: Google)
Lucknow: यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं कल (18 मार्च) से चेक होंगी। प्रदेशभर के 250 केंद्रों पर मूल्यांकन शुरू होगा। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में परिणाम (UP Board Result 2026) घोषित करने की तैयारी है। परिणाम बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर देखा जा सकेगा। हर मूल्यांकन केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कॉपियां जांची जाएंगी। जिसकी वेबकास्टिंग भी होगी। जिससे राज्य एवं जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम से निगरानी की जा सके। इस बार स्टेप-वाइज मार्किंग की वजह से रिजल्ट बेहतर आने के चांस हैं। यह सिस्टम कई स्टूडेंट्स को फेल होने से बचाएगा।
स्टेप 1: यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाएं।
स्टेप 2: होमपेज पर UP Board 10th Result 2026 / UP Board 12th Result 2026 लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 3: अपना रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें।
स्टेप 4: स्क्रीन पर रिजल्ट खुल जाएगा।
स्टेप 5: इसे चेक और डाउनलोड करें।
बोर्ड ने कॉपी जांचने के लिए 1,53,530 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है। हाईस्कूल के लिए 4300 अंकेक्षक, 8550 उप-प्रधान परीक्षक और 83,800 परीक्षक—कुल 96,650 शिक्षक लगाए गए हैं। इंटरमीडिएट के लिए 2590 अंकेक्षक, 5300 उप-प्रधान परीक्षक और 48,990 परीक्षक-कुल 56,880 शिक्षक नियुक्त किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने स्पष्ट किया है कि अगर छात्र पूरा सवाल हल नहीं कर पाता, लेकिन शुरुआत सही करता है तो उसे अंक मिलेंगे। इसे स्टेप-मार्किंग कहा जाता है। छात्र जितने ज्यादा सही स्टेप्स लिखेंगे।उन्हें उतने ही ज्यादा अंक मिलेंगे।
सीबीएसई में भी गणित और विज्ञान विषयों में यह प्रणाली लागू है। यदि अंतिम उत्तर गलत हो लेकिन विधि सही हो तो भी स्टेप्स के अंक दिए जाते हैं। अब यही नियम यूपी बोर्ड में भी लागू किया गया है।
परीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि हिंदी, अंग्रेजी या अन्य भाषा विषयों में ही स्पेलिंग और मात्राओं की जांच की जाए। गणित और विज्ञान में स्टेप्स के आधार पर अंक दिए जाएं। यदि छात्र ने बाएं पृष्ठ पर भी उत्तर लिखा है तो उसका भी मूल्यांकन किया जाए।
अब उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन डिजिटल तरीके से होगा। कॉपियों को स्कैन करके सर्वर पर अपलोड किया जाएगा। जहां शिक्षक लॉग-इन कर उन्हें जांचेंगे। इससे अंकों की गलतियां कम होंगी और रिजल्ट जल्दी आएगा।