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फतेहपुर के बहुआ विकास खंड में आंगनबाड़ी मुख्य सेविका पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और जातिगत अपमान के गंभीर आरोप लगे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्री उषा देवी ने डीएम को शिकायत देकर वीडियो और ऑडियो सबूत सौंपे हैं।
महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप
Fatehpur: फतेहपुर जिले के बहुआ विकास खंड से आंगनबाड़ी विभाग में भ्रष्टाचार और उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। यहां आंगनबाड़ी कार्यकत्री उषा देवी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर मुख्य सेविका शारदा वर्मा पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, अभिलेख जब्त करने, धमकी देने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, यह मामला सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़िता उषा देवी वर्तमान में आंगनबाड़ी केंद्र कठवारा द्वितीय में तैनात हैं। अपने शिकायती पत्र में उन्होंने बताया कि उन्हें 18 किलोमीटर दूर स्थित सुल्तानपुर आंगनबाड़ी केंद्र का अतिरिक्त चार्ज दिया गया था। आरोप है कि वहां का वास्तविक संचालन और पोषाहार वितरण मुख्य सेविका स्वयं कर रही हैं, जबकि कागजों में उषा देवी का नाम दर्ज है।
पीड़िता का कहना है कि इसी तरह कई रिक्त केंद्रों का दुरुपयोग कर पोषाहार सामग्री को बाजार में बिकवाया जा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं को नुकसान पहुंच रहा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मुख्य सेविका द्वारा प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकत्री से नियमित रूप से पैसे वसूले जाते हैं। पोषाहार वितरण के नाम पर 1500 रुपये प्रतिमाह, एमपीआर रिपोर्ट तैयार करने के लिए 100 रुपये और निरीक्षण के दौरान 2 से 5 हजार रुपये तक की मांग की जाती है।
उषा देवी का कहना है कि अगर कोई कार्यकत्री रुपये देने से इनकार करती है, तो उसके साथ गाली-गलौज की जाती है और नौकरी से हटवाने की धमकी दी जाती है।
पीड़िता के अनुसार, 17 जनवरी 2026 को चकसकरन में हुई एक बैठक के बाद मुख्य सेविका शारदा वर्मा ने उनके सभी रजिस्टर और अभिलेख अपने कब्जे में ले लिए। आरोप है कि इन अभिलेखों को वापस करने के बदले 5 हजार रुपये की मांग की गई। कई दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक दस्तावेज वापस नहीं किए गए हैं, जिससे पीड़िता का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
उषा देवी ने यह भी बताया कि बैठक के दौरान पैसे वसूली से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। उस वीडियो की क्लिप उन्होंने अपने शिकायती पत्र के साथ जिलाधिकारी को सौंपी है। इसके अलावा फोन पर धमकी दिए जाने की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी शिकायत के साथ संलग्न की गई है, जिससे आरोपों को और गंभीर माना जा रहा है।
मामले में सबसे गंभीर आरोप जातिगत अपमान का है। पीड़िता का कहना है कि मुख्य सेविका ने उन्हें “चमारिन” और “गंदी जाति” जैसे शब्द कहकर अपमानित किया। इस व्यवहार से वह मानसिक रूप से आहत हैं और उन्होंने प्रशासन से न्याय तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।