नोएडा में पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों से सस्ते OTT सब्सक्रिप्शन के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सरगना समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो 100 से 300 डॉलर तक वसूलते थे।

Symbolic Photo
Noida: नोएडा में एक फर्जी कॉल सेंटर के जरिए विदेशी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने छापेमारी कर ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो सस्ते ओटीटी सब्सक्रिप्शन का लालच देकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था। आरोपी खुद को बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म का प्रतिनिधि बताकर डॉलर में पैसे वसूलते थे और बाद में सब्सक्रिप्शन बंद कर दोबारा पैसे मांगते थे।
पुलिस को मिली गुप्त सूचना
मामले का खुलासा तब हुआ जब Phase‑1 Police Station Noida की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि सेक्टर-2 के सी ब्लॉक स्थित एक भवन में अवैध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वहां छापेमारी की।
हेडफोन लगाकर कॉल करते मिले कर्मचारी
छापेमारी के दौरान पुलिस जब भवन की तीसरी मंजिल पर पहुंची तो कई लोग हेडफोन लगाकर फोन पर बातचीत करते हुए मिले। पुलिस को देखकर सभी अचानक चुप हो गए। पूछताछ में दिल्ली के जामिया नगर निवासी Mohsin Khan ने बताया कि वह कंपनी का निदेशक है और उसने Mohsin Consultancy Services Pvt Ltd के नाम से कंपनी बनाई है।
OTT प्रतिनिधि बनकर करते थे ठगी
जांच में सामने आया कि आरोपी इंटरनेट कॉल के जरिए विदेशी नागरिकों से संपर्क करते थे और खुद को Amazon Prime Video, Netflix और Disney+ Hotstar जैसे प्लेटफॉर्म का प्रतिनिधि बताकर बातचीत करते थे। वे आईपीटीवी के माध्यम से लाइव स्ट्रीमिंग सर्विस देने का दावा करते थे और इसके लिए ग्राहकों से 100 से 300 डॉलर तक वसूल लेते थे। पुलिस के मुताबिक इस काम के लिए उनके पास किसी भी सरकारी संस्था का लाइसेंस नहीं था।
छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने गिरोह के सरगना मोहसिन खान के अलावा गाजियाबाद के विजय नगर निवासी नौशाद, हरियाणा के सोनीपत निवासी सुनील, दिल्ली के सराय रोहिल्ला निवासी मोहम्मद समीम, जामिया नगर निवासी सैफ रजा और अमरोहा के गजरौला निवासी इरफान को गिरफ्तार किया है।
ऐसे चलता था ठगी का खेल
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी एक विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए ओटीटी प्लेटफॉर्म का कंटेंट एंड्रॉइड डिवाइस पर लाइव स्ट्रीमिंग की तरह दिखाते थे। शुरुआत में ग्राहकों को बेहद सस्ते सब्सक्रिप्शन का लालच दिया जाता था। बाद में सब्सक्रिप्शन बंद कर रिन्यूअल के नाम पर बार-बार पैसे वसूले जाते थे। प्रत्येक कनेक्शन 100 से 300 डॉलर में बेचा जाता था और इसी तरीके से हजारों अमेरिकी नागरिकों से ठगी की गई।