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मुजफ्फरनगर में पुलिस ने भगवा वेश में घूम रहे ढोंगी बाबा गैंग का भंडाफोड़ किया। हिंदू नाम रखकर साधु बने 6 मुस्लिम आरोपियों को गिरफ्तार कर ठगी का पूरा नेटवर्क उजागर।
पुलिस ने आरोपी को दबोचा
Muzaffarnagar: भगवा चोला, हाथ में कलावा, माथे पर भभूत और जुबान पर मीठे आशीर्वाद… लेकिन असल में ये सब एक शातिर ठगी की स्क्रिप्ट थी। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने ऐसे ही एक ढोंगी बाबा गैंग का पर्दाफाश किया है, जो साधु-संत के भेष में ग्रामीण इलाकों में घूमकर लोगों की आस्था को निशाना बना रहा था। मौका मिलते ही ये बाबा बनाम ठग गायब हो जाते थे और पीछे छूट जाते थे ठगे हुए लोग।
भगवा वेश में ठगी का खेल
मुजफ्फरनगर जिले के ककरौली थाना पुलिस ने भगवा वेश में घूम रहे ढोंगी बाबा गैंग के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गैंग के सभी सदस्य मुस्लिम हैं, जिन्होंने हिंदू नाम रखकर भगवा चोला पहन रखा था। ये लोग खुद को गोरखनाथ बाबा का भक्त बताकर गांव-गांव घूमते थे और घर-घर भिक्षा मांगते थे।
रेकी से लेकर ठगी तक की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये गैंग दिन के समय साधु के वेश में ग्रामीण इलाकों में रेकी करता था। इसके बाद मौका देखकर तंत्र क्रिया, बीमारी दूर करने और समस्याओं से छुटकारा दिलाने के नाम पर लोगों से हजारों रुपये ऐंठ लेता था। कई मामलों में 35 हजार से लेकर 47 हजार रुपये तक की ठगी की बात सामने आई है।
पहले एक, फिर पूरा गैंग पकड़ा गया
बुधवार को पुलिस ने एहसान नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया था, जिसने पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कई टीमों का गठन किया गया और 24 घंटे के भीतर शकील, शौकीन, इकबाल, सजील, अयूब और हनीश को गिरफ्तार कर लिया गया। ये सभी बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के जोला गांव के रहने वाले हैं और हाल के दिनों में मीरापुर में किराए के मकान में रह रहे थे।
फर्जी पहचान और बाबा का सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 फर्जी आधार कार्ड, लोहे की आशीर्वाद चेन, सारंगी, डमरू, खंजरी, डफली, मोर पंख, कलावा, चांदी की पर्ची, भभूत और कई भगवा ड्रेस बरामद की हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये लोग पूरी ट्रेनिंग के साथ बाबा की भाषा और हावभाव अपनाते थे।
पुलिस का दावा
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के मुताबिक अब तक 7 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, जबकि 6 अन्य की तलाश जारी है। गैंग पिछले 5 से 7 साल से इस तरह की ठगी कर रहा था और अन्य आपराधिक एंगल की भी जांच की जा रही है।