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महराजगंज की ECCE नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवाल (img: Dynamite News)
Maharajganj: जनपद के कंपोजिट विद्यालयों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों पर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और वर्ड संबंधी जानकारी देने के लिए 130 ECCE एजुकेटरों की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस नियुक्ति का काम डीएमके इंडिया कंसल्टेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को दिए जाने के बाद कंपनी की ओर से निविदा में प्रस्तुत किए गए अभिलेखों और पात्रता को लेकर कई बिंदुओं पर आपत्तियां सामने आई हैं।
उठाई गई आपत्तियों में कंपनी के दस्तावेजों को त्रुटिपूर्ण, गलत अथवा कूटरचित बताए जाने का दावा किया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि निविदा में मांगे गए आवश्यक दस्तावेज और पात्रता शर्तें पूरी नहीं थीं, तो कंपनी तकनीकी रूप से क्वालीफाई कैसे हुई और उसे 130 एजुकेटरों की नियुक्ति का काम कैसे सौंप दिया गया?
आपत्ति के बिंदु संख्या-4 में कंपनी द्वारा अपलोड किए गए ISO 27001:2018 प्रमाणपत्र को गलत बताया गया है। आपत्ति में कहा गया है कि ISO 27001 का वर्तमान संस्करण 2022 है और इसी आधार पर प्रस्तुत प्रमाणपत्र की वैधता पर सवाल उठाया गया है। ऐसे में प्रमाणपत्र की वास्तविकता और उसकी स्वीकार्यता की जांच किए जाने की मांग सामने आती है।
निविदा की शर्तों में EMD यानी धरोहर धनराशि को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आपत्ति के अनुसार नियम एवं शर्तों में MSME/निविदादाता को EMD में छूट अनुमन्य नहीं होने की बात स्पष्ट थी। इसके बावजूद कंपनी को MSE और स्टार्टअप के आधार पर छूट दिए जाने और तकनीकी चरण में क्वालीफाई किए जाने पर सवाल खड़े किए गए हैं।
आपत्ति में यह भी कहा गया है कि यदि कंपनी ने EMD जमा की थी तो संबंधित बैंक से धनराशि, जारी करने की तारीख और संबंधित विवरण का सत्यापन कराया जाना चाहिए।
कंपनी के वित्तीय वर्ष 2022-23 के ITR को लेकर भी आपत्ति सामने आई है। दावा है कि कंपनी ने उस वित्तीय वर्ष का ITR दाखिल नहीं किया था, जबकि उसके PAN कार्ड पर कंपनी की पंजीकरण तिथि 27 दिसंबर 2022 दर्ज है। इसी आधार पर निविदा में जमा किए गए संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की गई है।
आपत्ति के अनुसार कंपनी के पास सर्विस प्रोवाइडर के रूप में 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के तीन वर्षों का अपेक्षित अनुभव प्रमाणपत्र नहीं है। साथ ही इन वर्षों में किए गए कार्यों से संबंधित कार्यादेश उपलब्ध होने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
इसके अलावा Procurement Manual-2022, GFR-2017 और GeM GTC के प्रावधानों के तहत समान सेवा के पूर्व अनुभव को लेकर निर्धारित पात्रता का भी हवाला दिया गया है। दावा किया गया है कि कंपनी के पास निर्धारित मानकों के अनुरूप अपेक्षित अनुभव नहीं था।
आपत्ति के बिंदु संख्या-24 के तहत कंपनी के पूर्व कर्मचारियों के EPF और ESI जमा विवरण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आपत्ति में कहा गया है कि कंपनी के पास पूर्व कर्मचारियों के EPF एवं ESI से संबंधित अपेक्षित जमा विवरण उपलब्ध नहीं है।
अब पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब कंपनी की पात्रता, अनुभव, ISO प्रमाणपत्र, EMD छूट, ITR, कार्यादेश और EPF-ESI जैसे कई बिंदुओं पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, तो जांच और सत्यापन के बाद उसे तकनीकी रूप से योग्य कैसे माना गया? यदि दस्तावेजों में वाकई कोई त्रुटि या अनियमितता है, तो 130 ECCE एजुकेटरों की नियुक्ति का काम देने की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है।
Location : Maharajganj
Published : 26 September 2026, 4:12 PM IST