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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली समूह पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। ईडी ने आम्रपाली की 99 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की है। ED की यह कार्रवाई आम्रपाली घोटाले में अब तक की सबसे अहम कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
आम्रपाली ग्रुप पर ईडी का शिकंजा
Lucknow: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली समूह पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसकी 99.26 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। ये संपत्तियां कोलकाता, फरीदाबाद व मुंबई में हैं। ईडी अब तक समूह की 300 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुका है।
आरोप है कि ग्रुप ने लोगों को घर का सपना दिखाकर उनसे उनकी जीवन भर की कमाई का एक बड़ा हिस्सा ले लिया और तय समय पर उन्हे घर नहीं दिए। जब लोगों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो इन्होंने एक षड्यंत्र के तहत इस रकम को अन्य खातों में ट्रांसर्फर कर खुर्द-बुर्द कर दिया।
गौरतलब है कि आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ पिछले लंबे समय से कार्रवाई चल रही है। इस कार्रवाई में अभी तक ED आम्रपाली ग्रुप की 300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को जब्त कर चुकी है। अभी यह कार्रवाई चल रही है। आने वाले समय में ग्रुप की कुछ अन्य संपत्तियां भी जब्त होने की उम्मीद है। जांच कर रही टीम ने कुछ अन्य संपत्तियों को चिन्हित किया है।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ था कि आम्रपाली समूह ने ग्राहकों से भारी रकम ली थी, लेकिन तय समय में फ्लैट, जमीन देने में नाकाम रहे थे। समूह ने धोखाधड़ी कर ग्राहकों की रकम गबन कर ली थी। कई थानों में केस दर्ज किए गए थे। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था।
इस गोलमाल के खिलाफ निवेशकों ने आम्रपाली समूह के निदेशक अनिल कुमार शर्मा, शिव प्रिया, अजय कुमार के नवनीत सुरेका, अखिल सुरेका और मौर्य उद्योग लिमिटेड समेत अन्य पर फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी मामले में अब यह कार्रवाई की जा रही है।
ईडी के मुताबिक, जो संपत्तियां कुर्क की गई हैं, उनमें मेसर्स मौर्या उद्योग लि. का कार्यालय और फैक्टरी की जमीन है। सुरेका समूह की संस्थाओं में शामिल इस कंपनी का एक भवन भी है। इसके प्रमोटर नवनीत सुरेका और अखिल सुरेका हैं। इन संपत्तियों का कुल उचित बाजार मूल्य 30 दिसंबर, 2016 तक 99.26 करोड़ रुपये आंका गया था। अभी कीमत और भी अधिक होगी।