रामपुर से गिरफ्तार, फिर 170 किलोमीटर दूर गाजियाबाद कोर्ट में आजम खान को किया पेश, स्पेशल कोर्ट से ED ने मांगी रिमांड!

रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ED ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां को जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। रविवार को उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया। अब ED की रिमांड मांगने और अदालत के फैसले पर सबकी नजर है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 1 November 2026, 12:19 PM IST
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Ghaziabad News: वरिष्ठ नेता आजम खां की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर जेल से रिहाई के कुछ ही देर बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और अब रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया। जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर अदालत परिसर तक हलचल तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें ED की रिमांड मांगने की कार्रवाई और अदालत के फैसले पर टिकी हैं।

रिहाई के तुरंत बाद ED ने लिया हिरासत में

दरअसल, वरिष्ठ नेता आजम खां शनिवार को रामपुर जेल से बाहर आने वाले थे। उनकी रिहाई को लेकर समर्थकों और राजनीतिक हलकों में चर्चा थी, लेकिन जेल के दरवाजे से बाहर निकलते ही पूरा घटनाक्रम बदल गया। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने उन्हें जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के चलते जेल से बाहर आने के बाद भी आजम खां को राहत नहीं मिल सकी। ED की यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की गई है। जांच एजेंसी इस मामले में वित्तीय लेनदेन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

गाजियाबाद कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बीच पेशी

रविवार को आजम खां को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया। उनकी पेशी को देखते हुए कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के बीच अदालत परिसर में लगातार सतर्कता बरती गई। आजम खां की पेशी की खबर मिलते ही समर्थकों और स्थानीय लोगों की भीड़ भी कोर्ट के आसपास जुटने लगी। इस दौरान हर किसी की नजर अदालत की कार्यवाही पर बनी रही। मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है, लिहाजा उनकी पेशी को लेकर समर्थकों के बीच खासा उत्सुकता दिखाई दी।

ED की रिमांड मांगने पर टिकी निगाहें

अब इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि ED अदालत से आजम खां की कितने दिनों की रिमांड मांगती है और अदालत इस पर क्या फैसला सुनाती है। रिमांड मिलने की स्थिति में जांच एजेंसी उनसे जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन के बारे में पूछताछ कर सकती है। फिलहाल अदालत की कार्यवाही और ED की आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है। रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद गिरफ्तारी और फिर गाजियाबाद अदालत में पेशी ने आजम खां के लिए एक नया कानूनी मोर्चा खोल दिया है। हालांकि, मामले में लगे आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

Location :  Ghaziabad

Published :  1 November 2026, 12:19 PM IST

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