हिंदी
कुशीनगर में क्रिटिकल गैप्स योजना के तहत ₹154.05 लाख की लागत से 08 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। सड़कों, स्कूलों, शौचालय और संपर्क मार्गों के निर्माण से ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
मौके पर जायजा लेने पहुंचे डीएम महेंद्र सिंह तंवर
Kushinagar: कुशीनगर जिले में ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत क्रिटिकल गैप्स योजना के अंतर्गत जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने ₹150 लाख से अधिक की लागत वाले कुल 08 महत्वपूर्ण विकास कार्यों को स्वीकृति दे दी है। खास बात यह है कि स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष पूरी राशि अवमुक्त भी कर दी गई है, जिससे कार्यों के समयबद्ध पूरा होने का रास्ता साफ हो गया है।
सड़कों से लेकर स्कूलों तक होंगे बड़े काम
इन स्वीकृत परियोजनाओं में ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें, संपर्क मार्ग, शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। कप्तानगंज–नौरंगिया मार्ग से खोटही मणिताल संपर्क मार्ग का नव निर्माण कराया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा असना-सितुहिया-रोहुआ-मछरगांवा मार्ग से राजकीय आईटीआई भलुआ मोतीचक तक संपर्क मार्ग का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे शिक्षा और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं और बेहतर होंगी।
पर्यटन और स्वच्छता को भी मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन और जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बांसीघाट और हिरण्यवती नदी पर शौचालय एवं चेंजिंग रूम का नवनिर्माण कराया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। जिलाधिकारी ने उम्मीद जताई है कि इन कार्यों से क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा पर फोकस
शिक्षा के क्षेत्र में भी अहम फैसले लिए गए हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, कसया में पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा, जबकि पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, मिल्की कुशीनगर और संविलियन उच्च प्राथमिक विद्यालय, रामपुर जंगल में बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाएगा। इससे छात्रों की सुरक्षा और विद्यालय परिसरों की व्यवस्था मजबूत होगी।
ग्राम सभा सेन्दुरिया में सीसी रोड का निर्माण
जनहित को ध्यान में रखते हुए विकास खण्ड कप्तानगंज की ग्राम सभा सेन्दुरिया में डीह बाबा के स्थान से काली माता मंदिर तक सीसी रोड का निर्माण भी कराया जाएगा। यह सड़क स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए भी सुविधाजनक साबित होगी।
31 मार्च 2026 तक पूरे होंगे सभी कार्य
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण कार्य शासन के मानकों, तकनीकी स्वीकृति और गुणवत्ता नियमों के अनुरूप पूरे किए जाएं। सभी कार्य 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यस्थलों पर सूचना बोर्ड लगाने और नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया है।