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देवरिया के सलेमपुर तहसील में तैनात लेखपाल आशीष कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई। वे एसआईआर काम में लगे थे और हाल ही में चेतावनी पाने के कारण चिंतित बताए जाते थे। प्रशासन ने मृत्यु को गाल ब्लैडर की समस्या से जोड़ा। घटना से एसआईआर कर्मचारियों में शोक व्याप्त है।
देवरिया में लेखपाल की इलाज के दौरान मौत
Deoria: जनपद के सलेमपुर तहसील में तैनात लेखपाल आशीष कुमार की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। आशीष कुमार एसआईआर काम में सक्रिय थे और इसी दौरान अचानक उनकी तबियत बिगड़ी। परिवार के अनुसार, उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसे देखते हुए परिजन उन्हें इलाज के लिए ले गए, लेकिन चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।
आशीष कुमार लार थाना क्षेत्र के धनौढ़ा निवासी थे। वे सलेमपुर तहसील में लेखपाल पद पर कार्यरत थे। एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) कार्य के दौरान उन्हें और अन्य 21 लेखपालों को चेतावनी दी गई थी, जिसमें उनका नाम भी शामिल था। बताया गया कि इस कारण वे काफी चिंतित रहते थे। उनके अचानक निधन से एसआईआर कार्य में लगे अन्य कर्मचारियों में शोक की लहर फैल गई है।
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एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने लेखपाल की मौत को गाल ब्लैडर में पथरी की समस्या के कारण बताया। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य संबंधी कारणों से हुई मृत्यु है। प्रशासन ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है और परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति जताई है।
ड्यूटी में लगे लेखपाल की अचानक मौत
जनपद में इससे पहले रुद्रपुर तहसील के मांझानारायण गांव में तैनात बीएलओ रंजू दूबे की भी मौत हो चुकी है। उनका इलाज केजीएमयू लखनऊ में चल रहा था। दोनों ही घटनाओं से एसआईआर काम में लगे कर्मचारियों और स्थानीय प्रशासन में चिंता और शोक व्याप्त है।
लेखपाल आशीष कुमार की मौत से एसआईआर कार्य में लगे अन्य कर्मचारियों में मानसिक तनाव बढ़ गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के बावजूद एसआईआर प्रक्रिया को सुचारू रूप से जारी रखा जाएगा, लेकिन कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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आशीष कुमार की असामयिक मौत ने एसआईआर कार्य में लगे कर्मचारियों और प्रशासन दोनों के लिए चिंता का विषय बना दिया है। प्रशासन ने इस मामले को स्वास्थ्य समस्या से जोड़ा है, जबकि कर्मचारी और स्थानीय लोग इस घटना से आहत हैं। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों के स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत जताई जा रही है।