महराजगंज में ‘देवरहा वंदन’ का भव्य लोकार्पण, संत परंपरा की अनसुनी बातें आईं सामने

महराजगंज में ‘देवरहा वंदन’ काव्य संग्रह का भव्य लोकार्पण हुआ, जिसमें संत परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला। लेखक हरि शरण ओझा की इस कृति को विद्वानों ने समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम में साहित्यकारों और शिक्षाविदों की उपस्थिति ने इसे खास बना दिया।

Maharajganj: साहित्य और आध्यात्मिक परंपरा को समर्पित एक महत्वपूर्ण आयोजन के तहत स्थानीय जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज के मीटिंग हॉल में वरिष्ठ साहित्यकार हरि शरण ओझा द्वारा रचित काव्य संग्रह ‘देवरहा वंदन’ का भव्य लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।

डाइनामाइट न्यूज़ संवददाता के अनुसार, लोकार्पण समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ लेखक, गजलकार एवं किसान पीजी कॉलेज सेवरही कुशीनगर के पूर्व प्राचार्य डॉ. वेद प्रकाश पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि ‘देवरहा वंदन’ एक काव्य गंगा का संग्रह है, जिसमें संत परंपरा की गहराई और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर समावेश है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पुस्तकों के लेखन और पढ़ने की प्रवृत्ति कम होती जा रही है, ऐसे समय में यह कृति समाज को नई दिशा देने का कार्य करेगी।

काव्य संग्रह केवल साहित्यिक कृति नहीं

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. बलराम भट्ट ने संतों और महात्माओं के सानिध्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके विचारों का अनुसरण करने से जीवन में शांति और सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने सभी से संत परंपरा का स्मरण करने का आह्वान किया।

कैला देवी दर्शन से लौट रहा परिवार… एक पल में खत्म हुई पूरी खुशियां, दिल दहला देगा ये हादसा

विशिष्ट अतिथि डॉ. आरके मिश्रा ने कहा कि यह काव्य संग्रह केवल साहित्यिक कृति ही नहीं, बल्कि देवरहा बाबा के प्रति लेखक का गहरा समर्पण है। वहीं कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्र ने कबीर, तुलसी, मीरा जैसे संतों की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘देवरहा वंदन’ उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाने का एक सराहनीय प्रयास है।

कृति के लेखक हरि शरण ओझा ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने आध्यात्मिक साधना और संत विचारों से प्रेरणा लेकर इस पुस्तक की रचना की। उन्होंने अपने अनुभवों और संस्मरणों के माध्यम से देवरहा बाबा के जीवन से जुड़े अनेक पहलुओं को साझा किया।

आगरा में दर्दनाक हादसा: पेड़ से टकराई श्रद्धालुओं की बोलेरो, पिता-पुत्र समेत 5 की मौत

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. विजय आनंद मिश्रा द्वारा देवरहा बाबा से जुड़े संस्मरणों के प्रस्तुतिकरण से हुई। आयोजन सामाजिक संस्था सिटीजन फोरम एवं डॉ. ज्योत्सना ओझा मिश्रा के सहयोग से संपन्न हुआ। अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर किया गया। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शांति शरण मिश्र ने किया। इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद और साहित्यप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Location : 
  • Maharajganj

Published : 
  • 20 March 2026, 10:14 AM IST

Advertisement