Crime News: मुजफ्फरनगर में बड़ा खुलासा, इंटरनेशनल कॉल को लोकल बनाकर करोड़ों का खेल… पढे़ं पूरी खबर

मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज का खुलासा किया है। आरोपी इंटरनेशनल कॉल को डोमेस्टिक कॉल में बदलकर न सिर्फ सरकार को चूना लगा रहे थे बल्कि साइबर अपराध को भी बढ़ावा दे रहे थे। पुलिस ने भारी मात्रा में उपकरण और सिम कार्ड बरामद किए हैं।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 25 March 2026, 10:52 PM IST
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Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम से मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। खतौली कोतवाली क्षेत्र के शेखपुरा गांव में छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज को सक्रिय हालत में पकड़ा।

मौके से पुलिस ने दो आरोपियों वसीम और वकील को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 36 मोबाइल सिम कार्ड, 10 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 2 एटीएम कार्ड और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है। इसके अलावा दो महंगी रिमोट रेडियो यूनिट (RRU) भी जब्त की गई हैं, जिनकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये प्रति यूनिट बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार ये उपकरण किसी टेलीकॉम टावर को एक्टिव करने में बेहद अहम होते हैं।

इंटरनेशनल कॉल को लोकल बनाकर करते थे बड़ा फ्रॉड

जांच में सामने आया है कि यह चार सदस्यों का संगठित गिरोह था, जिसमें सभी सदस्य कम पढ़े-लिखे होने के बावजूद हाईटेक साइबर अपराध को अंजाम दे रहे थे। यह गिरोह इंटरनेशनल कॉल को डोमेस्टिक कॉल में कन्वर्ट करता था, जिससे कॉल ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता था। इस तकनीक के जरिए ये लोग न केवल भारत सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे थे, बल्कि साइबर क्राइम के लिए भी इस नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे थे।

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पुलिस को आशंका है कि इस फर्जी एक्सचेंज के जरिए विदेशों से आने वाली संदिग्ध कॉल्स भी देश में संचालित की जा रही थीं। गिरोह के दो अन्य सदस्य फिरोज और वासिद अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के पास से चोरी की गई आरआर यूनिट का अवैध खरीद-फरोख्त भी किया जा रहा था।

फर्जी जीएसटी बिल और बड़े नेटवर्क की आशंका

एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन को साइबर थाना टीम ने बेहद सूझबूझ के साथ अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि आरोपियों के मोबाइल डेटा की जांच में फर्जी जीएसटी बिलों के भी सबूत मिले हैं, जिसकी जानकारी जीएसटी विभाग को दे दी गई है।

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पुलिस अब इस मामले को सिर्फ एक फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज तक सीमित नहीं मान रही, बल्कि इसके पीछे एक बड़े नेटवर्क और साजिश की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर ये महंगे उपकरण कहां से चोरी किए गए और किन चैनलों के जरिए इनका अवैध व्यापार हो रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा होने की संभावना है।

Location : 
  • Muzaffarnagar

Published : 
  • 25 March 2026, 10:52 PM IST

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