बदायूं में 50 हजार का इनामी बदमाश पुलिस मुठभेड़ में ढेर, दरोगा-सिपाही घायल

जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पुलिस और 50 हजार के इनामी बदमाश के बीच बुधवार देर रात भीषण मुठभेड़ हुई जिसमें बदमाश मुठभेड़ में ढेर हो गया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 1 July 2026, 11:27 PM IST
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Budaun: जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में पुलिस और 50 हजार के इनामी बदमाश के बीच  बुधवार देर रात भीषण मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कुख्यात बदमाश ढेर हो गया। घटना के बाद पुलिस के रवैये और कार्रवाई के तौर-तरीकों पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

कैसे हुई मुठभेड़

सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ बदायूं-बिजनौर हाईवे पर प्रस्तावित जेल के पास हुई। पुलिस को इस्लामनगर थाना क्षेत्र में हुई डकैती के मास्टरमाइंड की लोकेशन मिली थी। आरोपी 50 हजार रुपये का इनामी था और लंबे समय से फरार चल रहा था।

घेराबंदी के दौरान बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। गंभीर रूप से घायल बदमाश को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मुठभेड़ में पुलिसकर्मी घायल

पुलिसकर्मियों के घायल होने का दावा

एनकाउंटर के बाद पुलिस ने अपने बचाव में एक दरोगा और एक सिपाही के घायल होने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ के दौरान गोली दोनों को छूकर निकल गई। फिलहाल दोनों घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हालांकि, इस दावे पर स्थानीय लोगों और कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस पूरे मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर रही और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।

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कौन था मारा गया बदमाश

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुठभेड़ में मारा गया बदमाश इस्लामनगर थाना क्षेत्र में हुई बड़ी डकैती का मास्टरमाइंड था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। जिले में हुई कई अन्य वारदातों में भी उसकी संलिप्तता सामने आई थी। ढेर हुए बदमाश का अभी तक नंबर पता सार्वजनिक नहीं किया गया है।

पत्रकारों से अभद्रता, कैमरा छीनने का आरोप

मुठभेड़ के बाद का सबसे विवादित पहलू पुलिस का मीडिया के प्रति रवैया रहा। मौके पर मौजूद पत्रकारों ने आरोप लगाया कि जब वे एनकाउंटर में मारे गए बदमाश का वीडियो बना रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। आरोप है कि एक पुलिसकर्मी ने पत्रकार के हाथ पर मारा और कैमरा/मोबाइल छीनने की कोशिश की। बदायूं पुलिस का पत्रकारों के प्रति यह रवैया पहले भी चर्चा में रह चुका है। मीडिया कर्मियों का कहना है कि पुलिस पारदर्शिता बरतने के बजाय खबर को दबाने का प्रयास कर रही है।

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उठ रहे सवाल

1. घायलों की स्थिति: पुलिस ने दरोगा-सिपाही के घायल होने की बात कही, लेकिन चोट की गंभीरता और मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।
2. मीडिया से दूरी: एनकाउंटर के तुरंत बाद पत्रकारों को कवरेज से रोकना और अभद्रता करना पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
3. पारदर्शिता का अभाव: घटना के कई घंटे बाद तक पुलिस की ओर से कोई विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग नहीं की गई, जिससे अफवाहों का बाजार गर्म है।

फिलहाल पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जायेगा। और घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी है।

Location :  Budaun

Published :  1 July 2026, 11:04 PM IST

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