बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली की टक्कर से स्कूटी सवार तिलक सिंह की मौत हो गई। दावत से लौटते समय हुए हादसे से परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस जांच में जुटी है।

बदायूं में दर्दनाक हादसा
Budaun: यूपी के बदायूं जनपद के इस्लामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पिनौनी गांव के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार व्यक्ति की मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली की टक्कर से यह हादसा हुआ, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान तिलक सिंह (50 वर्ष) पुत्र कधई लाल निवासी करनपुर, थाना उघैती क्षेत्र के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार तिलक सिंह अंबियापुर गांव में एक दावत में शामिल होने गए थे। दावत से लौटते समय वह अपनी स्कूटी से गांव करनपुर वापस जा रहे थे। जैसे ही वह पिनौनी गांव के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राली ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी।
हादसा इतना भीषण था कि टक्कर लगते ही तिलक सिंह सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायल को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही तिलक सिंह ने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बदायूं में खूनी जंग: मामूली विवाद में चली कुल्हाड़ी, पुलिस ने लिया बड़ा एक्शन
घटना की सूचना मिलते ही इस्लामनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, हादसे में शामिल ट्रैक्टर-ट्राली को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
बदायूं में दर्दनाक हादसा
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। ट्रैक्टर-ट्राली की रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तिलक सिंह की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में कोहराम मच गया। परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। अचानक हुई इस घटना से घर में मातम पसरा हुआ है।
मृतक के गांव करनपुर में भी शोक की लहर दौड़ गई है। पड़ोसी और रिश्तेदार लगातार पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह वाहन चालकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सख्ती की जाती, तो ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सकता था।