पहले बैंक लोन का केस, अब जमीन सौदे में करोड़ों की ठगी का आरोप… भाजपा नेता की मुश्किलें क्यों बढ़ती जा रही हैं?

पहले बैंक लोन विवाद और अब जमीन सौदे में करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप... Mishrilal Rajput Fraud Case में नया मोड़ आ गया है। आखिर डॉक्टर ने क्या आरोप लगाए, पुलिस जांच कहां तक पहुंची और अदालत में आगे क्या होगा? पूरी कहानी जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 25 July 2026, 11:49 AM IST
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Agra: आगरा में भाजपा नेता मिश्रीलाल राजपूत की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कुछ समय पहले आईसीआईसीआई बैंक से 1.06 करोड़ रुपये के ऋण मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। अब Mishrilal Rajput Fraud Case में एक नया मोड़ आ गया है। एक चिकित्सक ने उन पर जमीन के सौदे में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इस नए आरोप के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है।

डॉक्टर ने सुनाई जमीन सौदे की पूरी कहानी

शिकायतकर्ता डॉ. अंकुश श्रीवास्तव के अनुसार, वर्ष 2021 में उनके परिचित नावेद ने उन्हें जमीन खरीद में निवेश करने की सलाह दी। इसी दौरान उनकी मुलाकात मिश्रीलाल राजपूत से कराई गई। डॉ. श्रीवास्तव का कहना है कि मिश्रीलाल ने उन्हें भरोसा दिलाया कि जमीन का सौदा पूरी तरह सुरक्षित है।

आरोप है कि मिश्रीलाल ने अपने और अपनी पत्नी के दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिसके आधार पर आईसीआईसीआई बैंक से गृह ऋण लिया गया। बैंक से स्वीकृत ऋण की राशि सीधे मिश्रीलाल के खाते में स्थानांतरित हुई। डॉ. श्रीवास्तव का दावा है कि उन्होंने इस सौदे में 1.93 करोड़ रुपये से अधिक की रकम दी।

बाद में सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

डॉ. श्रीवास्तव का आरोप है कि बाद में उन्हें पता चला कि जिस संपत्ति का सौदा किया गया था, उस पर पहले से ही ऋण लिया जा चुका था। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। उनका कहना है कि उन्हें इस पूरी प्रक्रिया में धोखे में रखा गया।

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पहले भी दर्ज हो चुकी है एफआईआर

Mishrilal Rajput Fraud Case में इससे पहले भी आईसीआईसीआई बैंक से जुड़े ऋण मामले में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जमीन सौदे से जुड़े मामले में 13 अगस्त 2025 को थाना ताजगंज में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद मिश्रीलाल राजपूत उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश लेकर आए थे।

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पुलिस ने दाखिल किया आरोप पत्र

पुलिस जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों के साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय में लंबित है।

Location :  Agra

Published :  25 July 2026, 11:49 AM IST

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