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प्रतीकात्मक छवि (Source: AI Generated)
Bijnor: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर क्षेत्र से अंधविश्वास और ठगी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां तांत्रिकों और ठगों के एक गिरोह ने एक भोले-भाले परिवार को अंधविश्वास के जाल में इस तरह उलझाया कि उन्हें अपनी जीवनभर की कमाई गंवानी पड़ गई। बेटे की बीमारी का फायदा उठाकर आरोपियों ने झाड़-फूंक और पूजा-पाठ के नाम पर परिवार से करीब 70 लाख रुपये की बड़ी रकम ठग ली। इस खौफनाक खेल में पीड़ित परिवार को इस कदर डराया गया कि उन्हें अपना आशियाना तक बेचना पड़ गया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब धामपुर के एक परिवार का बेटा गंभीर रूप से बीमार पड़ गया। बच्चे की बिगड़ती हालत को देखकर माता-पिता पहले से ही मानसिक तनाव में थे। शातिर ठगों ने इस लाचारी और कमजोरी का पूरा फायदा उठाया। आरोपियों ने परिवार के मन में यह अंधविश्वास बिठा दिया कि उनके बीमार बच्चे की जान पर बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा है। ठगों ने दावा किया कि बच्चे पर 'काली मां का प्रकोप' चल रहा है, और यदि तुरंत विशेष अनुष्ठान या झाड़-फूंक नहीं कराई गई, तो कोई अनहोनी हो सकती है। माता-पिता अपने जिगर के टुकड़े को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थे, और ठग इसी कमजोर नस को लगातार दबा रहे थे।
डर और आतंक का यह खेल यहीं नहीं रुका। आरोपियों ने अनुष्ठान और पूजा-पाठ के नाम पर पैसों की मांग शुरू कर दी। परिवार ने पहले अपनी जमा-पूंजी दी, लेकिन ठगों की भूख कम नहीं हुई। बच्चे की जान बचाने के नाम पर ऐसा मानसिक दबाव बनाया गया कि परिवार ने अपने सिर की छत यानी अपना मकान तक बेच डाला। इसके बाद घर की महिलाओं के सारे गहने और जेवर भी बेच दिए गए। बात यहीं खत्म नहीं हुई, मांगें इतनी बढ़ गईं कि रकम चुकाने के लिए परिवार को नौकरी और अन्य आधारों पर भारी-भरकम कर्ज भी लेना पड़ गया। अलग-अलग किश्तों और पूजा-पाठ के नाम पर इन शातिरों ने कुल मिलाकर ₹70 लाख की भारी-भरकम रकम ऐंठ ली।
जब लगातार सब कुछ लुट जाने के बाद परिवार को इस बात का अहसास हुआ कि उनके साथ कोई चमत्कार नहीं बल्कि एक सोची-समझी ठगी हुई है, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। होश ठिकाने आने पर पीड़ित परिवार ने बिना देर किए उत्तर प्रदेश पुलिस में इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए इस ठग गिरोह के चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। पुलिस फिलहाल मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है।
यह घटना इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि आज के आधुनिक दौर में भी समाज में अंधविश्वास किस हद तक जड़े जमाए हुए हैं। लोग अक्सर डर, मजबूरी और चमत्कारी दावों के चक्कर में आकर अपनी जिंदगी भर की खून-पसीने की कमाई कुछ ही समय में गंवा बैठते हैं। इस प्रकार की घटनाएं समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। प्रशासन और समझदार नागरिकों की ओर से लगातार यह अपील की जाती है कि ऐसे किसी भी बहकावे, तांत्रिक क्रियाओं या झूठे चमत्कारी दावों से हमेशा सावधान रहें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए केवल पेशेवर डॉक्टरों की मदद लें।
Location : Bijnor
Published : 6 October 2026, 9:17 AM IST