Bareilly News: केसर चीनी मिल पर प्रशासन का शिकंजा, 10 नवंबर तक भुगतान नहीं तो सील होगी संपत्ति, दर्ज होगी FIR

किसानों का 162 करोड़ रुपये बकाया और प्रशासन की सख्त चेतावनी, केसर चीनी मिल को 10 नवंबर तक भुगतान के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, वरना संपत्तियां सील होने के साथ एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। क्या मिल की बिक्री से किसानों को उनका पैसा मिल पाएगा?

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 3 November 2026, 1:06 PM IST
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Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में किसानों का 162 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान बकाया होने पर बहेड़ी की केसर चीनी मिल के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार को एसडीएम बहेड़ी गोपाल शर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक और राजस्व विभाग की टीम भारी पुलिस बल के साथ चीनी मिल पहुंची। करीब तीन घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान मिल के प्रशासनिक भवन, सीएमडी की कोठी, अधिकारियों के बंगले और कर्मचारी आवासों का निरीक्षण कर संपत्तियों का मूल्यांकन किया गया। प्रशासन ने मिल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि 10 नवंबर तक भुगतान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो मिल की संपत्तियां सील करने के साथ ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं, 17 नवंबर को मिल की 11 एकड़ से अधिक जमीन की नीलामी भी प्रस्तावित है।

प्रशासनिक टीम सबसे पहले मिल के सीईओ शरद मिश्रा के कार्यालय पहुंची। यहां अधिकारियों और मिल प्रबंधन के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। प्रबंधन ने भुगतान के लिए कई योजनाएं बताईं, लेकिन अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद मिल के सीएमडी हर्ष आर. किलाचंद से वीडियो कॉल पर बातचीत कराई गई। बातचीत के दौरान सीएमडी ने मिल का संचालन करने में असमर्थता जताई। उन्होंने बताया कि चीनी मिल बेचने के लिए एक खरीदार से बातचीत अंतिम चरण में है। पांच नवंबर तक सौदा तय होने की उम्मीद है। यदि इस पक्ष से समझौता नहीं हो पाया तो दूसरी पार्टी के साथ 10 नवंबर तक सौदा होने की संभावना है। सीएमडी ने स्पष्ट किया कि किसानों के पूरे 162 करोड़ रुपये का भुगतान मिल की बिक्री के बाद ही संभव हो सकेगा।

दिवाली से पहले 20 करोड़ रुपये भुगतान करने के निर्देश

जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी और एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव ने मिल प्रबंधन को निर्देश दिए कि किसानों की दिवाली प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए हर हाल में 18 से 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर किसानों को आंशिक भुगतान किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिलनी जरूरी है। इस पर सीएमडी ने रकम जुटाने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। हालांकि, उन्होंने पूरा बकाया तत्काल चुकाने में असमर्थता जताई।

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हाईवे और रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी से प्रशासन सतर्क

सीओ अरुण कुमार सिंह ने भी सीएमडी को भुगतान में देरी से उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर आगाह किया। उन्होंने बताया कि किसान दिवाली के बाद हाईवे और रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी दे चुके हैं। ऐसे में त्योहार से पहले कुछ भुगतान होने पर किसानों को राहत मिल सकती है और संभावित विरोध-प्रदर्शन की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने मिल प्रबंधन से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने को कहा है।

संपत्ति सील कर दर्ज होगी एफआईआर

एसडीएम बहेड़ी गोपाल शर्मा ने सीएमडी को बताया कि गन्ना विभाग की ओर से मिल मालिक और प्रबंधन के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी जा चुकी है। यदि 10 नवंबर तक भुगतान नहीं हुआ तो मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मिल के प्रशासनिक भवन, सीएमडी की कोठी, अधिकारियों के बंगलों, कर्मचारी आवासों और मिल की जमीन को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने संपत्तियों पर लाल झंडी लगाकर नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की भी चेतावनी दी है।

प्रशासनिक अधिकारी की बात पर भड़के एसडीएम

निरीक्षण के दौरान मिल प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। तहसीलदार वीरपाल सिंह जब परिसर खाली कराने, सीलिंग की कार्रवाई और लाल झंडी लगाने की बात कर रहे थे, तभी मिल के प्रशासनिक अधिकारी अंशुमान गर्ग ने प्रशासनिक भवन सील करने के संबंध में लिखित आदेश देने की मांग कर दी। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव ने अंशुमान गर्ग के व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तहसीलदार भी मजिस्ट्रेट होते हैं और उनसे बातचीत करते समय मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। विवाद बढ़ता देख मिल के सीईओ शरद मिश्रा ने हस्तक्षेप किया और माफी मांगकर मामला शांत कराया।

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17 नवंबर को 11 एकड़ से अधिक जमीन की होगी नीलामी

एसडीएम बहेड़ी गोपाल शर्मा ने बताया कि केसर चीनी मिल के खिलाफ बकाया वसूली के लिए आरसी जारी हो चुकी है। सोमवार को मिल परिसर की संपत्तियों का निरीक्षण और मूल्यांकन किया गया। मिल प्रबंधन को सात दिन के भीतर भुगतान के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मिल की 11 एकड़ से अधिक जमीन की नीलामी 17 नवंबर को निर्धारित है। यदि 10 नवंबर तक भुगतान नहीं किया गया तो प्रशासनिक भवन, मालिक की कोठी सहित अन्य संपत्तियों को सील करने और एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी, सीओ अरुण कुमार सिंह, तहसीलदार वीरपाल सिंह, राजस्व विभाग की टीम और भारी पुलिस बल मौजूद रहा।

Location :  Bareilly

Published :  3 November 2026, 1:06 PM IST

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