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172 करोड़ से अधिक की लागत से हाईटेक बनी जेल (Img: AI)
Bareilly: कलेक्ट्रेट के निकट स्थित बरेली की ऐतिहासिक जिला जेल में जल्द ही फिर से गतिविधियां शुरू होने जा रही हैं। लगभग दस वर्षों से बंद पड़ी इस जेल का व्यापक जीर्णोद्धार कार्य लगभग पूरा हो चुका है। शासन की ओर से बंदियों की शिफ्टिंग के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। 68.15 एकड़ क्षेत्र में फैली इस जेल को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। जेल प्रशासन के अनुसार जल्द ही यहां विचाराधीन बंदियों को रखा जाना शुरू कर दिया जाएगा।
करीब 186.24 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई इस आधुनिक जिला जेल में अब 2575 विचाराधीन बंदियों को रखने की व्यवस्था की गई है। पहले जेल की क्षमता केवल 1185 बंदियों तक सीमित थी। नई व्यवस्था से बंदियों के बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा में मदद मिलेगी।
नई जिला जेल में अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था स्थापित की गई है। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम, कंप्यूटराइज्ड कार्यालय, आधुनिक पाकशाला और हाई सिक्योरिटी बैरक भी तैयार की गई हैं। बंदियों की सुविधा के लिए खेल मैदान, स्कूल, अस्पताल और आधुनिक रसोईघर जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
जेल अधीक्षक आलोक शुक्ला के अनुसार केसरपुर स्थित केंद्रीय कारागार-2 में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों को जल्द ही नई जिला जेल में स्थानांतरित किया जाएगा। स्टाफ की तैनाती और शिफ्टिंग से जुड़े आदेश शासन की ओर से जारी किए जा चुके हैं।
जेल परिसर में महिला बंदियों के लिए अलग कारागार बनाया गया है, जिसकी क्षमता 60 बंदियों की है। इसके अलावा किशोर और पुरुष बंदियों के लिए अलग-अलग बैरकों की व्यवस्था की गई है। वहीं, 12 अत्यंत संवेदनशील और खूंखार बंदियों के लिए विशेष हाई सिक्योरिटी बैरक तैयार की गई है, जहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम रहेंगे।
यह जिला जेल वर्ष 1841 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान स्थापित की गई थी। स्वतंत्रता संग्राम के समय कई क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी यहां बंद रहे थे। रुहेला सरदार खान बहादुर खान को भी इसी जेल में फांसी दी गई थी। उनकी मजार आज भी जेल परिसर के पास मौजूद है।
नई जिला जेल के शुरू होने के बाद बरेली उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां चार कारागार संचालित होंगे। इनमें इज्जतनगर केंद्रीय कारागार, भुता केंद्रीय कारागार-2, जिला कारागार और किशोर सदन शामिल हैं।नई व्यवस्था के तहत दोनों केंद्रीय कारागारों में सजायाफ्ता कैदियों को रखा जाएगा, जबकि जिला जेल में विचाराधीन बंदियों को रखा जाएगा। करीब एक दशक बाद ऐतिहासिक जिला जेल के दोबारा शुरू होने से जेल प्रशासन को राहत मिलेगी और सुरक्षा व्यवस्था के साथ बंदियों के बेहतर प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।
Location : Bareilly
Published : 23 June 2026, 4:16 PM IST
Topics : Bareilly District Jail bareilly news High Security Barrack Jail Renovation Uttar Pradesh Jail