बलरामपुर पुलिस की सख्त कार्रवाई: पति-ससुर को 10-10 साल की सजा, जानें क्या है मामले की जड़

ऑपरेशन कनविक्शन के तहत बलरामपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। दहेज के लिए विवाहिता की हत्या करने वाले पति और ससुर को माननीय एडीजे कोर्ट ने 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 6 February 2026, 12:49 PM IST

Balrampur: उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत बलरामपुर पुलिस को दहेज हत्या के एक जघन्य मामले में बड़ी सफलता मिली है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे कोर्ट) ने दहेज के लिए विवाहिता की हत्या करने के दोषी पति और ससुर को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, यह मामला कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के भुईरी मशरकी सुल्तानपुर गांव का है। 6 मार्च 2022 को गोंडा जिले के खरगूपुर निवासी सुंदरवती देवी ने पुलिस में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को शादी के बाद से ही ससुराल में दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।

दहेज की मांग पूरी न होने पर पति आशीष कुमार सोनकर और ससुर मिश्रीलाल सोनकर ने मिलकर उनकी बेटी की हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को फांसी पर लटका दिया।

कई संगीन धाराओं में मामला दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए बलरामपुर पुलिस ने तत्काल हत्या, दहेज प्रताड़ना और अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नगर वरुण मिश्रा द्वारा गहन विवेचना करते हुए साक्ष्य संकलित किए गए और समयबद्ध रूप से आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

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पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में इस प्रकरण को ऑपरेशन कनविक्शन के अंतर्गत विशेष प्राथमिकता दी गई। अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के पर्यवेक्षण और मॉनीटरिंग सेल प्रभारी बृजानन्द सिंह की सक्रिय भूमिका से गवाहों की उपस्थिति और साक्ष्यों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण सुनिश्चित किया गया।

न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप सिंह एवं विशेष लोक अभियोजक नरेन्द्र प्रताप पाण्डेय ने अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत और प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर माननीय एडीजे न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।

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अदालत ने क्या सुनाई सजा?

अदालत ने पति आशीष कुमार सोनकर और ससुर मिश्रीलाल सोनकर को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 2-2 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस फैसले से न केवल पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

Location : 
  • Balrampur

Published : 
  • 6 February 2026, 12:49 PM IST