Bakrid 2026: बकरीद से पहले लखनऊ का मलिहाबाद बना छावनी, पुलिस पहरे में हुई जुमे की नमाज

लखनऊ के मलिहाबाद में राजा कंसा पासी किले को लेकर विवाद के बीच बकरीद से पहले प्रशासन हाई अलर्ट पर रहा। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 22 May 2026, 4:06 PM IST
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Lucknow: लखनऊ के मलिहाबाद इलाके में ऐतिहासिक राजा कंसा पासी किले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पासी समाज और कुछ हिंदू संगठनों की ओर से किले परिसर में महादेव मंदिर होने का दावा किया गया है, जबकि वहां जुमे की नमाज पढ़े जाने का विरोध भी सामने आया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया और इलाके में भारी पुलिस बल तथा पीएसी तैनात की गई।

जुमे की नमाज को लेकर बढ़ी सतर्कता

शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान किसी तरह के विवाद या तनाव की आशंका के चलते प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी को मौके पर लगाया गया। पूरे इलाके में लगातार गश्त की गई और अधिकारियों ने हालात पर नजर बनाए रखी। सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई।

पासी समाज ने किया ऐतिहासिक विरासत का दावा

पासी समाज का कहना है कि मलिहाबाद स्थित यह स्थल 11वीं शताब्दी के राजा कंसा पासी का ऐतिहासिक किला है। समाज के लोगों का दावा है कि लखनऊ गजेटियर में भी इस स्थान का उल्लेख मिलता है। उनका कहना है कि किले परिसर में पहले महादेव मंदिर था, लेकिन अब उसी जगह को मस्जिद और कब्रिस्तान बताकर नमाज अदा की जा रही है।

समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को पत्र भेजकर इस स्थल को ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विकसित करने की मांग भी की है।

प्रदर्शन के ऐलान के बाद बढ़ी चौकसी

पासी समाज और कुछ हिंदूवादी संगठनों ने जुमे की नमाज का विरोध करने और प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।

अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है और किसी को भी माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

Location :  Lucknow

Published :  22 May 2026, 4:06 PM IST

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